युवाओं को अपने भविष्य की चिंता है। इस कारण वह खुद ही नसबंदी करा रहे हैं। गुआंगझोऊ में रहने वाले 26 साल के हुआंग यूलोंग ने नसबंदी करवा ली है। हुआंग कहते हैं कि बच्चे हमारी पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी नहीं है। क्यों न अपने पैसों का इस्तेमाल खुद के लिए करूं। हालांकि वे शादी करना चाहते हैं, क्योंकि डबल इनकम, नो किड्स वाली जीवन शैली चाहते हैं।
आईटी पेशेवर लि युंग कहती हैं कि समाज ही नहीं चाहता कि हम एक या दो से ज्यादा बच्चों को जन्म दें। युवा तो इस बारे में सोचना भी नहीं चाहते। सरकार कुछ भी ऑफर करें, कोई तीन बच्चे नहीं चाहेगा।
यह ट्रेंड चीन के युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रहा है। खास तौर पर तीन बच्चों की नई नीति आने के बाद यह तेजी से बढ़ रहा है। दरअसल, वे पहले ही महंगाई, प्रॉपर्टी कीमतें और खर्चों से जूझ रहे हैं। बच्चों के बाद उन्हें आर्थिक संकट में फंसने का डर भी है। लिहाजा वे कह रहे हैं- करियर बनाएं, कि बच्चे पैदा करें।
चीन में जन्मदर में आई कमी
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में राष्ट्रीय जन्मदर में अभी भी कमी दर्ज की जा रही है, जबकि चीन में पिछले कुछ सालों से राष्ट्रीय जन्मदर बढ़ाने की काफी कोशिश की जा रही है, फिर भी सरकार को इसमें सफलता नहीं मिली है। वर्ष 2017 से लगातार चीन के राष्ट्रीय जन्मदर में कमी दर्ज की गई है।
चीनी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में काफी बड़ी आबादी तेजी से बुढ़ापे की तरफ जा रही है, जिससे चीन की जनसंख्या में विविधता काफी तेजी से कम होती जा रही है, जो चिंता की बात है।
चीन की जनसंख्या दर में वृद्धि कई सालों से काफी कम रही है, जिसे सही करने के लिए सरकार ने वन चाइल्ड पॉलिसी को भी हटा दिया है और लोगों को दो बच्चों को जन्म देने के लिए प्रोत्साहित किया जा है लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है। चीन की सरकार ने जन्मदर बढ़ाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाए हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।