मालाबार एक्सरसाइज से ऑस्ट्रेलिया को दूर रखने पर चीन ने की भारत की तारीफ
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चीन ने भारत-अमेरिका-जापान की नौसेनाओं द्वारा किए जाने वाले सालाना मालाबार एक्सरसाइज से ऑस्ट्रेलिया को अलग रखने का फैसला करने पर भारत के फैसले की तारीफ की है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिईंग ने कहा कि भारत का ये फैसला तारीफ के काबिल है। चीन का मानना है कि भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच होने वाले इस सालाना नौसैनिक अभ्यास में जापान के अलावा किसी चौथे देश को न शामिल करने का फैसला अच्छा है। दरअसल, इस सालाना नौसैनिक अभ्यास में अपने नौसैनिक बेड़े को शामिल करने की अनुमति ऑस्ट्रेलिया ने ही मांगी थी, पर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने ऑस्ट्रेलिया के इस अनुरोध को ठुकरा दिया है।
वैसे, भारत और अमेरिका की नौसेना के बीच होने वाले इस सालाना अभ्यास को लेकर चीन की त्यौरियां हमेशा चढ़ी रही हैं। ऊपर से साल 2014 से इसमें जापान दोबारा शामिल हो गया है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के इसमें शामिल होने की खबरों के सामने आने के बाद उसे 'खतरा' सा महसूस हो रहा था।
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चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिईंग ने कहा कि हमनें तमाम मीडिया रिपोर्ट में इस बाबत खबरें पढ़ी हैं कि भारत ने मालाबार नौसैनिक अभ्यास में शामिल होने के ऑस्ट्रेलिया के अनुरोध को अस्वीकृत कर दिया है। ये भारत के उस व्यवहार को दर्शाता है, जिसमें भारत चीनी चिंताओं को लेकर सचेत रहता है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिईंग ने कहा कि सैन्य अभ्यास में शामिल होने वाले देश एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करें। ताकि क्षेत्र में साकारात्मक माहौल कायम रह सके।
गौरतलब है कि जापान इसमें पहले भी इस नौसैनिक सैन्य अभ्यास का हिस्सा हुआ करता था, पर साल 2014 में उसे दोबारा इस अभ्यास में शामिल किया गया। नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद मालाबार नौसैनिक अभ्यास में जापान को स्थाई रूप से शामिल कर लिया गया है।