चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा। चीन की यह प्रतिक्रिया अमेरिका की तरफ से तिब्बत से जुड़े सख्त कानून पारित किए जाने के संदर्भ में की गई है। हाल ही में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों ने ‘रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्ब्त एक्ट 2018’ पारित किया था। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इसके बाद इसे कानून का दर्जा मिल गया है। इसके तहत अमेरिकी नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और पत्रकारों को तिब्बत तक जाने की अनुमति नहीं देने वाले चीनी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने सहित अन्य कठोर कदम शामिल हैं। चीन की एनपीसी विदेश मामलों की समिति की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मूलभूत नियमों के खिलाफ है।
यह चीन के घरेलू मामलों में दखल है। यह तिब्बत मुक्ति बलों को गलत संदेश दे रहा है। मालूम हो कि चीन तिब्बत को अपना हिस्सा मानता रहा है। विदेशियों को तिब्बत जाने के लिए चीन की विशेष अनुमति की जरूरत होती है।