चीन और अमेरिका में बढ़ती तल्खी से गहराते व्यापार युद्ध का असर दुनिया भर के बाजारों पर दिखा है। घरेलू शेयर बाजार में भी सोमवार को बिकवाली रही और सेंसेक्स व निफ्टी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी असर पड़ा और इसमें दो फीसदी से ज्यादा गिरावट आई।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन के उत्पादों पर नया टैरिफ लगाने के एलान से दुनियाभर के बाजारों में हाहाकार मच गया। भारतीय शेयर बाजार में भी निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा और मुनाफा लिवाली शुरू हो गई। दोपहर तक सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया। आखिर में यह 362.92 अंकों की गिरावट के साथ 38,600 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी दिन में 129 अंक तक लुढ़कने के बाद 114 अंकों की गिरावट के साथ 11,598.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान बीएसई के 1581 शेयरों में गिरावट देखी गई।
एशिया-यूरोप पर असर
चीन का शांघाई कंपोजिट 6.5 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 2,877.71 पर बंद हुआ, जबकि हांगकांग का हेंगसेंग भी 3.3 फीसदी गिरा। अमेरिका के डाउ जोंस में 1.7 फीसदी और एसएंडपी-500 में 1.6 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा ताईवान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में फ्रांस का सीएसी-40 2.2 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 2.1 फीसदी गिर गया।
चीन जुटा रहा बैंकों से पैसे
व्यापार युद्ध के जोखिम से बचने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए चीन छोटे और मझोले बैंकों से राशि जुटा रहा है। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने सोमवार को बैंकों पर लागू अनिवार्य आरक्षित कोष का अनुपात (आरआरआर) घटाकर 8 फीसदी कर दिया है। 15 मई से लागू होने वाले इस फैसले से 1000 बैंकों के पास कर्ज देने के लिए 2.88 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी होगी। चीन के निर्यात की वैश्विक मांग धीमी पड़ने और विकास दर में गिरावट के संकेतों के बीच अमेरिका के साथ गहराते व्यापार युद्ध के खतरों से निपटने के लिए चीन इस साल दूसरी बार इस तरह का कदम उठाया है।
क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का असर क्रूड की कीमतों पर भी पड़ा और यह एक बार फिर 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया। सोमवार को ब्रेंट क्रूड के दाम में 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई और 69.78 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो 2 अप्रैल के बाद उसका सबसे निचला स्तर है। उस दिन क्रूड की कीमतें 68.79 डॉलर प्रति बैरल रही थीं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चीन और अमेरिका के बीच तल्खी और बढ़ी तो क्रूड के दाम अगले कुछ दिनों में नरम बने रह सकते हैं। हालांकि, ईरान और वेनेजुएला पर प्रतिबंधों के चलते इसमें जल्द रिकवरी देखने को मिल सकती है।
रुपया भी 24 पैसे कमजोर
व्यापार युद्ध पर ट्रंप की धमकी का असर डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर भी पड़ा और सोमवार को शुरुआती कारोबार में 24 पैसे कमजोर रहा। आयातकों की ओर से डॉलर की मांग में इजाफा होने से रुपया 69.38 पर खुला और जल्द ही गिरकर 69.46 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 15 पैसे की मजबूती के साथ 69.22 के स्तर पर बंद हुआ था।