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'शांति और स्थिरता बनाए रखें': अरुणाचल में सीमा पर तनाव को लेकर चीन ने तोड़ी चुप्पी; भारत से क्या अपील की?

Mon, 26 Oct 2026 03:39 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।

सार

अरुणाचल प्रदेश में तनाव की स्थिति को लेकर चीन ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उसने भारत से सीमा समझौतों को लागू करने और शांति व स्थिरता बनाए रखने की अपील की। चीनी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा, पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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गुओ जियाकुन, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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चीन ने सोमवार को अरुणाचल में सीमा पर विवाद को लेकर चुप्पी तोड़ी है। उसने भारत से सीमा पर बनी सहमति लागू करने और शांति बनाए रखने की अपील की।
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चीनी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, चीन ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और अहम सहमतियों का लगातार और सख्ती से पालन किया है। उन्होंने कहा, चीन सीमा पर क्षेत्रीय संप्रभुता और स्थिरता बनाए रखने के लिए नियमित गश्त और प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां करता है।

उन्होंने चीन-भारत सीमा पर एक बार फिर आमने-सामने की स्थिति बनने की खबरों पर यह बयान दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि ऐसी घटनाएं तब होती हैं, जब चीनी सैनिक गश्त के तय तरीकों से हटकर काम करते हैं।
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गुओ ने कहा, चीन और भारत राजनयिक और सैन्य माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, चीन को उम्मीद है कि भारत भी इसी दिशा में काम करेगा। दोनों देश मिलकर आपसी सहमतियों को लागू करेंगे। साथ ही, सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
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भारत ने क्या कहा था?
इससे पहले, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन के साथ सीमा पर आमने-सामने की स्थिति के सवाल पर कहा था, जहां तक इस मामले की खास जानकारी का सवाल है, मैं आपको रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने के लिए कहूंगा। जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं, भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर तब बिगड़ती है, जब चीनी सेनाएं गश्त के तय तरीकों का पालन नहीं करती हैं। 



उन्होंने आगे कहा, दोनों देश लंबित मुद्दों को सुलझाने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गलतफहमी व गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य व्यवस्थाओं का इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं। दोनों देश सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त क्षेत्रों में एलएसी की समझ बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए भी सहमत हुए हैं। मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के आपसी संबंधों के समग्र विकास के लिए जरूरी है। 
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