अमेरिका और कनाडा करीबी और पारंपरिक सहयोगी रहे हैं। हालांकि अमेरिका के टैरिफ के चलते कनाडा-यूएस संबंध भी इन दिनों तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। यही वजह है कि चीन को एक अवसर दिख रहा है। कनाडा के पीएम के चीन दौरे पर जानिए चीन के सरकारी मीडिया में क्या कुछ लिखा जा रहा है।
कनाडा के प्रधानमंत्री बुधवार चीन दौरे पर पहुंच गए। कनाडा के पीएम का चीन दौरा वैश्विक राजनीति में बदलते परिदृश्य का उदाहरण है क्योंकि कई वर्षों के बाद कनाडा के पीएम चीन दौरे पर पहुंचे हैं। वहीं चीन भी इस मौके को भुनाने की ताक में है और उसने कनाडा को उसके करीबी सहयोगी अमेरिका से दूर करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
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चीन के सरकारी मीडिया में क्या लिखा जा रहा है?
चीन के सरकारी मीडिया ने कनाडा की सरकार से अपील की है कि वे अमेरिका से स्वतंत्र विदेश नीति अपनाएं, जिसे रणनीतिक स्वायत्ता कहते हैं।
चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली ने अपने एक संपादकीय में लिखा कि 'अगर कनाडाई पक्ष पिछले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में आई गिरावट के मूल कारणों पर विचार करती है तो उसे एहसास होगा कि वह चीन से जुड़े मुद्दों को संभालते समय अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए बन सकता है।
अगर ओटावा भविष्य में भी अपनी चीन नीति को वॉशिंगटन की मर्जी के हिसाब से चलाता है, तो बीजिंग के साथ रिश्ते सुधारने की उसकी पिछली सारी कोशिशें बेकार हो जाएंगी।
वहीं ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि अमेरिका का बिना सोचे-विचारे सहयोग करने और चीन पर उच्च टैरिफ लगाने के बाद अब लगता है कि कनाडा की रणनीतिक स्वायत्ता की समझ जाग रही है।
हालांकि कनाडा के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि कार्नी की चीन यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार मजबूत होने की उम्मीद है, लेकिन इससे कनाडा द्वारा लगाए गए टैरिफ हटेंगे या नहीं ये अभी तय नहीं है।
अमेरिका से खराब रिश्तों के चलते चीन को दिख रहा अवसर
दरअसल कनाडा, लंबे समय से अमेरिका का करीबी सहयोगी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति और टैरिफ के चलते अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में भी इन दिनों थोड़ी तल्खी है। ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही है। जो बाइडन के कार्यकाल में अमेरिका ने यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, भारत, कनाडा और अन्य देशों के साथ मिलकर चीन को घेरने की रणनीति बनाई थी। हालांकि अब ट्रंप के समय में अमेरिका जिस तरह से मनमानी कर रहा है, उसमें चीन को अपने लिए अवसर दिख रहे हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का चीन दौरा व्यापार पर फोकस है और कनाडा भी अब अमेरिका से इतर अपने लिए बाजार ढूंढ रहा है और अमेरिका पर अपनी निर्भरता को कम कर रहा है। यही वजह है कि कनाडा और चीन के रिश्ते फिर से बेहतर हो रहे हैं, जो कि जस्टिन ट्रुडो सरकार में खराब थे। अमेरिका के प्रभाव में ही कनाडा ने चीन की इलेक्ट्रिक कारों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा दिया था, जिसके चलते कनाडा और चीन के रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। अब फिर से दोनों देश रिश्तों को परिभाषित करने की कोशिशों में जुटे हैं।