चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका ने दोनों देशों के बीच एयर कैरियर के मौजूदा विमानों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस समझौते से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच कोविड-19 महामारी के दौरान लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को लेकर पैदा हुआ गतिरोध घटेगा।
अमेरिकी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका ने चीन के चार पैसेंजर विमानों को दोगुना करने का फैसला किया है। ये चारों विमान मौजूदा समय में अमेरिका में उड़ान भर रहे हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर आठ करने का फैसला लिया गया है। इसी के साथ चीन ने भी अपने यहां उड़ने वाले अमेरिकी उड़ानों को दोगुना करने की मंजूरी दे दी है।
मंत्रालय ने बताया कि इसी तरह चीन की एयर चाइना, चाइना ईस्टर्न एय लाइंस, चाइना साउथ एयरलाइंस और शियामेन एयरलाइंस सप्ताह में चार के बजाय आठ उड़ानों का परिचालन अमेरिका के लिए कर सकेंगी।
कोरोना वायरस के बाद अमेरिका ने चीन के लिए स्वैच्छिक उड़ानों पर रोक लगा दी थी। 31 जनवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगभग सभी गैर अमेरिकी नागरिकों के लिए चीन से अमेरिका की यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। यूनाइटेड एयरलाइंस ने कहा कि वो चीन के लिए चार विमानों की संख्या बढ़ाएगा। चार सितंबर से हर हफ्ते सैन फ्रांसिस्को से शंघाई तक चार और विमान उड़ानें भरेंगी।
जबकि विभाग ने कहा कि डेल्टा एयरलाइंस भी दो बार साप्ताहिक उड़ान से सप्ताह में चार बार उड़ान भरने के लिए योग्य थी। अमेरिका को उम्मीद है कि द्विपक्षिय एविएशन एग्रीमेंट के तहत चीन अमेरिकी उड़ान अधिकारों को बहाल करने के लिए सहमति जताएगा।
अमेरिका-चीन समझौते के तहत दोनों देशों के एक दूसरे देश में प्रति सप्ताह 100 विमान उड़ाने की मंजूरी मिलती है। अमेरिका ने जून में चीनी यात्री उड़ानों को रोक देने की धमकी दी थी क्योंकि बीजिंग तुरंत अमेरिकी एयरलाइंस की उड़ानों को बहाल करने के पक्ष में नहीं था।