ब्रिटेन व चीन के नेताओं ने बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीतिक साझेदारी का आह्वान किया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि बड़ी ताकतों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए वरना दुनिया में फिर जंगलराज हो जाएगा।
ब्रिटिश पीएम के साथ बैठक में जिनपिंग ने कहा चीन चाहे जितना भी विकसित क्यों न हो जाए वह दूसरे देश के लिए कभी खतरा नहीं बनेगा। चीनी राष्ट्रपति ने कहा 'पिछले कुछ वर्षों में चीन व ब्रिटेन के संबंध खास अच्छे नहीं रहे। यह किसी भी देश के हित में नहीं था। मौजूदा परिस्थिति और तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात में दुनिया में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए चीन व ब्रिटेन को आपसी बातचीत व सहयोग मजबूत करने की जरूरत है।'
जिनपिंग ने इशारा किया कि चीन से संबंध बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री स्टार्मर को राष्ट्रीय सुरक्षा व मानवाधिकारों के मुद्दे पर आलोचना झेलनी पड़ी है। शी ने कहा जब कुछ अच्छा काम होता है तो चुनौतियां भी साथ आती हैं। अगर कोई काम, देश और उसके लोगों के मूल हित में सही है तो नेता चुनौतियों से पीछे नहीं हटते और साहस के साथ आगे बढ़ते हैं।
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स्टार्मर ने जिनपिंग के सामने उठाया मानवाधिकारों का मुद्दा
स्टार्मर ने कहा कि दोनों देशों के संबंध अच्छे दौर में है और मजबूत हैं। उन्होंने जिनपिंग के सामने मानवाधिकारों के मुद्दे उठाए और दोनों के बीच सम्मानपूर्वक संवाद हुआ। ब्रिटिश पीएम ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करते हुए चीन के साथ कूटनीतिक संवाद और आर्थिक सहयोग जारी रखेंगे। इस मुश्किल समय में दुनिया के लिए चीन के साथ घनिष्ठ संबंध जरूरी हैं। उन्होंने चीनी नेता शी जिनपिंग से कहा कि दोनों देशों को वैश्विक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और अन्य मुद्दों पर साथ काम करना चाहिए। स्टार्मर ने कहा, मैं लंबे समय से स्पष्ट तौर पर कहता आ रहा हूं कि ब्रिटेन और चीन को एक दीर्घकालिक, सतत और व्यापक रणनीतिक साझेदारी की जरूरत है। इससे पहले ब्रिटिश नेता ने नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष जाओ लेजी से मुलाकात की।
चीन व ब्रिटेन में नया सीमा सुरक्षा समझौता, वीजा मुक्त यात्रा पर सहमति
ब्रिटिश पीएम के आवास व कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, पीएम स्टार्मर चीन के साथ एक नया सीमा सुरक्षा समझौता करेंगे ताकि तस्करी गिरोह द्वारा ब्रिटेन में अवैध रूप से प्रवासियों को लाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चीनी-निर्मित छोटी नावों के पुर्जों के प्रवाह को रोका जा सके। स्कॉच व्हिस्की के निर्यात शुल्क कम करने और ब्रिटिश यात्रियों के लिए चीन में 30 दिन के वीजा-मुक्त यात्रा पर सहमति बनी है। दोनों पक्ष पहली बार ब्रिटेन-चीन संयुक्त कानून प्रवर्तन कार्रवाई के लिए तैयार हैं। बयान के अनुसार, संगठित आव्रजन अपराध और तस्करी गिरोह का बिजनेस मॉडल सीमाओं से परे है और उन्हें बंद करने के लिए हमारा तरीका भी वैसा ही होना चाहिए।
इस महीने चीन आने वाले अमेरिकी सहयोगी देश के चौथे नेता
स्टार्मर ऐसे समय में ब्रिटेन की कंपनियों के लिए अवसर बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जब उनकी घरेलू अर्थव्यवस्था सुस्त है। इस यात्रा में उनके साथ 60 से अधिक कारोबारी नेता और कुछ सांस्कृतिक संगठनों के नेता भी शामिल हैं। स्टार्मर इस महीने बीजिंग दौरे पर आने वाले अमेरिकी सहयोगी देश के चौथे नेता हैं। इससे पहले दक्षिण कोरिया, कनाडा और फिनलैंड के नेता बीजिंग आए थे। जर्मनी के चांसलर के अगले महीने आने की उम्मीद है।
40 के बजाय 80 मिनट तक चली मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से हाल में उठाए गए कई कदमों को लेकर पैदा हुईं परिस्थितियों के बीच बीजिंग में जिनपिंग व स्टार्मर के बीच बृहस्पतिवार को मुलाकात हुई। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात तय समय से दोगुने समय 80 मिनट तक चली। आठ वर्षों में यह पहला मौका है जब कोई ब्रिटिश पीएम चीन पहुंचा है। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब कई वर्षों के तनाव के बाद दोनों देश अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में खासकर ब्रिटेन में चीन की जासूसी गतिविधियों, यूक्रेन युद्ध में रूस के लिए चीन के समर्थन और हांगकांग में स्वतंत्रता पर पाबंदियों को लेकर दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी। हांगकांग एक पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश है जिसे 1997 में चीन को सौंपा गया था।
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