चीन के हैनान प्रांत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जोखिम वाले इलाकों से 31 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रांतीय आपदा रोकथाम और राहत समिति के मुताबिक, रविवार शाम 7:50 बजे तक कुल 31,564 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
किन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश?
शुक्रवार सुबह आठ बजे से रविवार शाम चार बजे तक हैनान के छह शहरों और जिलों के 24 टाउनशिप में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इनमें वानिंग, लिंगशुई और क्यॉन्गहाई भी शामिल हैं। वानिंग के चांगफेंग टाउनशिप में सबसे ज्यादा 452.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने रविवार शाम से सोमवार तक और बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
प्रशासन ने आपात प्रतिक्रिया क्यों बढ़ाई?
भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए हैनान ने रविवार सुबह 11 बजे बाढ़ नियंत्रण के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया को बढ़ाकर लेवल-2 कर दिया। इसके बाद रविवार शाम 7 बजे वानिंग ने लेवल-1 आपातकालीन प्रतिक्रिया लागू कर दी। चीन की चार-स्तरीय आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली में लेवल-1 सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं क्यॉन्गहाई, क्यॉन्गझोंग, वुझीशान, बाओटिंग और लिंगशुई में लेवल-2 की आपात प्रतिक्रिया लागू की गई है।
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स्कूल और पर्यटन स्थल क्यों बंद किए गए?
हालात को देखते हुए इन छह शहरों और जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं आठ शहरों और जिलों में कुछ पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया है। प्रभावित सड़कों पर यातायात नियंत्रण भी लागू किया गया है। प्रशासन ने प्रमुख इलाकों में दमकल और बचाव दलों को पहले से तैनात कर दिया है। वानिंग, क्यॉन्गहाई और लिंगशुई में अतिरिक्त कर्मचारियों के साथ जल निकासी के उपकरण भी भेजे गए हैं। बिजली और दूरसंचार विभागों ने भी आपातकालीन मरम्मत के लिए उपकरण और जरूरी सामान तैयार रखा है।
बाढ़ और भूस्खलन को लेकर क्या अलर्ट जारी हुआ?
शनिवार को जल संसाधन मंत्रालय और चीन मौसम विज्ञान प्रशासन ने दक्षिण-पूर्वी हैनान के कुछ हिस्सों में अचानक आने वाली बाढ़ को लेकर ब्लू अलर्ट जारी किया था। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में भूगर्भीय आपदाओं के खतरे को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। स्थानीय अधिकारी बारिश और जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जलाशयों के संचालन को नियंत्रित करने के साथ बाढ़, शहरी जलभराव, भूगर्भीय आपदाओं और सड़कों व पुलों के जलमग्न होने से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं।
इससे पहले 22 अगस्त को जल संसाधन मंत्रालय ने ग्वांगडोंग, गुआंग्शी और हैनान में बाढ़ को लेकर लेवल-4 आपातकालीन प्रतिक्रिया सक्रिय की थी। उस समय टाइफून नर्रा के दक्षिणी चीन में भारी बारिश लाने का पूर्वानुमान जताया गया था। नर्रा इस साल का 19वां तूफान था।
नर्रा क्या है और कितना खतरनाक?
नर्रा पश्चिमी उत्तर प्रशांत और दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में बना उष्णकटिबंधीय चक्रवात था और 2026 का 19वां नामित तूफान है। इसे यह नाम फिलीपींस ने दिया है, जिसका संबंध फिलीपींस में पाए जाने वाले एक पेड़ से है। नर्रा ने अगस्त के आखिरी सप्ताह में दक्षिणी चीन के हैनान, ग्वांग्शी और ग्वांगडोंग में भारी बारिश कराई। 25-26 अगस्त के दौरान यह हैनान में पहुंचा और बाद में ग्वांगडोंग की ओर बढ़ा। इसके चलते कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। चीन के मौसम और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कई इलाकों में आपात कदम उठाए।