चीनी राजदूत होउ यांकी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली
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नेपाल के सत्तारूढ़ दल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) में एक बार फिर दरार के चलते सत्ता संघर्ष की खबरें हैं। इसका फायदा उठाने को चीनी राजदूत होउ यांकी सक्रिय हो गई हैं। यांकी ने मंगलवार देर शाम पीएम केपी शर्मा ओली से उनके घर दो घंटे बातचीत की। जुलाई में भी एनसीपी में फूट पड़ने के दौरान यांकी ने ही ओली और पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड को मनाकर सरकार को गिरने से बचाया था।
मीडिया में आई चीनी राजदूत की पीएम ओली से मुलाकात की खबरों की पुष्टि पीएम आवास और सचिवालय के अंदरूनी सूत्रों ने भी नाम न छापने की शर्त पर की है। एक अन्य सूत्र के मुताबिक यांकी और ओली ने पार्टी में चल रहे मुद्दों को हल करने के बारे में चर्चा की। राजदूत यांकी ने विवादों को सुलझाने और आम सहमति तक पहुंचने के लिए बातचीत जारी रखने पर जोर दिया।
दूसरी तरफ, बुधवार को एनसीपी की बैठक को लेकर भी पार्टी में असंतोष की खबरें सामने आईं। दोपहर को होने वाली इस बैठक को लेकर दोनों पक्ष एकमत नहीं दिखे। ओली ने बैठक को स्थगित करने के लिए प्रचंड को प्रस्ताव भेजा, जबकि दहल दोपहर बाद बैठक करने का मन बना चुके थे।
एनसीपी में फूट रोकने की कोशिशें
माना जा रहा है कि ओली और प्रचंड के मतभेदों के चलते एनसीपी टूट सकती है। ज्यादातर नेता प्रचंड के साथ हैं। वे चाहते हैं कि ओली पीएम या पार्टी चेयरमैन में से कोई एक पद फौरन छोड़ें। ओली इसके लिए तैयार नहीं हैं। पीएम हाउस के एक सूत्र ने कहा, यांकी एनसीपी में फूट रोकने की कोशिश कर रही हैं।