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China: 2035 तक 900 परमाणु बम बना लेगा चीन! अमेरिका से तनातनी के बीच PLA की खतरनाक साजिश

Mon, 13 Feb 2023 08:38 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

साल 2035 तक चीन की सेना का आधुनिकीकरण का काम पूरा हो जाएगा। कुछ विदेशी विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन परमाणु हथियारों को लेकर अपनी पहले इस्तेमाल ना करने की नीति को भी छोड़ सकता है।
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चीन बढ़ा रहा परमाणु हथियार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका के साथ जारी तनातनी के बीच चीन अपने परमाणु जखीरे में बढ़ोतरी की योजना बना रहा है। क्योदो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि चीन 2035 तक अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाकर 900 करने की योजना बना रहा है। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी मंजूरी भी दे दी है। इस ब्लूप्रिंट के अनुसार, चीन अमेरिका के खिलाफ अपनी सेना की ताकत बढ़ाने के लिए जोर-शोर से काम कर रहा है। 

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अमेरिका भी चीन की इस मंशा को समझता है। साल 2022 में अमेरिका ने कहा भी था कि चीन अपने परमाणु जखीरे को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। अमेरिका ने दावा किया था कि चीन साल 2035 तक अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाकर 1500 करने की योजना बना रहा है। अब ताजा रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है। साल 2035 तक चीन की सेना का आधुनिकीकरण का काम पूरा हो जाएगा। कुछ विदेशी विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन परमाणु हथियारों को लेकर अपनी पहले इस्तेमाल ना करने की नीति को भी छोड़ सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस की आक्रामकता के बावजूद नाटो देशों ने रूस के खिलाफ सीधी कार्रवाई नहीं की है। चीन को लगता है कि इसकी वजह रूस के पास परमाणु हथियारों का बड़ा जखीरा  है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के पास मौजूदा समय में 5977 परमाणु हथियार हैं। वहीं अमेरिका के पास परमाणु हथियारों की संख्या 5428 है। चीन साल 2027 तक अपने परमाणु हथियारों को बढ़ाकर 550 और 2035 में 900 करने की योजना बना रहा है।
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बता दें कि हाल ही  में चीन के जासूसी गुब्बारे के अमेरिका के हवाई क्षेत्र में घुसने और अमेरिका द्वारा उसे निशाना बनाने के बाद भी दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी खटास आई है। इससे पहले अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोंसी के ताइवान दौरे को लेकर भी अमेरिका और चीन के रिश्तों में तनाव आ गया था।  

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