अमेरिका के साथ व्यापार से लेकर किसी भी तरह का युद्ध लड़ने के लिए तैयार होने का दावा करने के कुछ ही घंटों बाद चीन के सुर बदल गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को कहा, युद्ध नहीं लड़े जाने चाहिए क्योंकि न उन्हें जीता जा सकता है और न ही उनके कोई नतीजे निकलते हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की इस टिप्पणी के बाद आई है कि जो लोग शांति चाहते हैं, उन्हें युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। इसीलिए अमेरिका अपनी सेना का पुनर्निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह बात समझते हैं कि शांति ताकत से ही आती हैं। अमेरिका चीन के साथ कोई सक्रिय संघर्ष नहीं चाहता लेकिन रक्षा मंत्री के तौर पर यह सुनिश्चित करना मेरा काम हैं कि हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिन जियान ने कहा, अमेरिका को अब रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के नाम पर चीन को रोकने या उसके पीछे पड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लिन ने कहा, हमारा हमेशा से स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि चाहे टैरिफ युद्ध या व्यापार युद्ध अथवा शीत युद्ध या सीधा संघर्ष, उन्हें जीता नहीं जा सकता। इससे पहले मंगलवार को लिन ने कहा था, धमकी देना चीन से निपटने का सही तरीका नहीं है। यदि अमेरिका के मन में कोई दूसरा एजेंडा है और यदि वह युद्ध चाहता है तो चाहे टैरिफ युद्ध हो या व्यापार युद्ध या किसी अन्य प्रकार का युद्ध, हम अंत तक लड़ने को तैयार हैं।
अमेरिका में चीनी हैकरों पर कार्रवाई
अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने चीनी प्रौद्योगिकी कंपनी ‘आई-सून’ के आठ कर्मचारियों के अलावा झोउ शुआई व यिन केचेंग समेत चीनी लोक सुरक्षा मंत्रालय के दो अफसरों पर हैकिंग-संबंधी अपराधों के आरोप लगाते हुए अभियोग पत्र जारी किए हैं। इन पर अमेरिका ने शंघाई स्थित साइबर कंपनियों और डाटा ब्रोकर झोउ शुआई व उसकी कंपनी पर पाबंदी भी लगा दी। इन चीनी संस्थानों ने समाचार संगठनों और अमेरिकी एजेंसियों को निशाना बनाते हुए साइबर जासूसी अभियान चलाए थे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, झोउ शुआई ने रक्षा औद्योगिक आधार, संचार, स्वास्थ्य और सरकारी क्षेत्रों सहित अत्यधिक संवेदनशील अमेरिकी बुनियादी ढांचा नेटवर्क से अवैध रूप से डाटा लिया, ब्रोकरेज किया और बेच दिया। झोउ शुआई और यिन केचेंग की गिरफ्तारी के लिए 20 लाख डॉलर तक के इनाम की पेशकश की गई है। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने कहा, फ्रीलांसर या आई-सून के कर्मचारियों के रूप में काम करने वाले इन हैकरों ने चीनी सरकार के निर्देश पर और अपनी पहल पर कंप्यूटर घुसपैठ की और डाटा चोरी के लिए मोटी रकम चुकाई। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार कुछ नए आपराधिक मामलों से चीन में हैकिंग के लिए भर्ती करने/सेवा लेने संबंधी पारितंत्र के बारे में नई जानकारी सामने आई है।