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US China Trade War: ड्रोन को लेकर चीन का बड़ा दांव, छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध; व्यापारिक तनाव फिर बढ़ा

Thu, 06 Aug 2026 07:36 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी, बैंकॉक

सार

अमेरिकी व्यापारिक प्रतिबंधों के जवाब में चीन ने छह अमेरिकी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और ड्रोन, उनके प्रमुख पुर्जों व संबंधित तकनीक के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लागू कर दिए हैं। चीन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी प्रतिबंधों और नए टैरिफ के जवाब में उठाया गया है।
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चीन-अमेरिका व्यापार युद्ध - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
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अमेरिका की ओर से लगाए गए नए व्यापारिक प्रतिबंधों के जवाब में चीन ने कई कड़े आर्थिक कदम उठाए हैं। चीन ने छह अमेरिकी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है और अमेरिका को ड्रोन, उनके प्रमुख पुर्जों तथा संबंधित तकनीक के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लागू कर दिए हैं। साथ ही आयातित प्रिंटर सॉफ्टवेयर और कार्यालय उपकरणों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जांच शुरू कर दी है।

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चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, कार्रवाई अमेरिका की ओर से चीनी ड्रोन के आयात पर रोक लगाने, 43 चीनी कंपनियों को उइगर जबरन श्रम रोकथाम कानून की सूची में शामिल करने और नए टैरिफ लगाने के जवाब में की गई है। अमेरिका के कदम दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति के खिलाफ हैं और चीन के वैध हितों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए जवाबी कार्रवाई करना जरूरी हो गया।

तीन माह में ही रिश्तों में फिर आई तल्खी  
चीन ने ड्रोन, उनके प्रमुख पुर्जों और दोहरे उपयोग (नागरिक और सैन्य) वाली तकनीक के निर्यात को मामला-दर-मामला (केस बाई केस) मंजूरी के दायरे में ला दिया है। अब चीन की कोई भी संस्था या व्यक्ति इन कंपनियों के साथ व्यापार, सहयोग या अन्य गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेगा। मई में जिनपिंग-ट्रंप की मुलाकात के बाद रिश्तों में सुधार के संकेत मिले थे, लेकिन तीन माह बाद ही फिर से तनाव फिर बढ़ गया है।
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सेना से लेकर पुलिस तक चीनी ड्रोन पर निर्भर अमेरिका

  • अमेरिका का ड्रोन उद्योग, चीनी ड्रोन और उनके कलपुर्जों पर 70 से 90 फीसदी तक निर्भर है। अमेरिका में इस्तेमाल होने वाले लगभग 80 से 90 फीसदी व्यावसायिक ड्रोन चीनी कंपनियों (मुख्य रूप से डीजेआई-दा जियांग इनोवेशंस) द्वारा बनाए जाते हैं।
  • अमेरिकी पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के 90% से 92% ड्रोन चीनी निर्मित हैं। चीन एयरफ्रेम, मोटर, कैमरा, स्क्रीन और रेडियो सिस्टम सरीखे दुनिया के 90 फीसदी ड्रोन पार्ट्स नियंत्रित करता है।
  • ड्रोन में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के लिए आवश्यक रिफाइंड ग्रेफाइट का 70% और ड्रोन मोटर के चुंबकों का 90% हिस्सा अकेले चीन से आता है
  • अमेरिका में खेती (सटीक छिड़काव और फसल निगरानी), रियल एस्टेट मैपिंग, और कमर्शियल फोटोग्राफी के लिए चीनी ड्रोनों का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।  
  • अमेरिका को अब हांगकांग या अन्य तीसरे देशों से पुर्जे मंगाने पड़ रहे हैं। इससे ड्रोन उत्पादन और पुर्जों की लागत में 25%-35% तक बढ़ेगी।
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