चीन में प्रत्यर्पण को अनुमति देवे वाली योजनाओं पर हॉन्ग कॉन्ग में विरोध तेज है। वहीं अमेरिका ने इस कानून को क्षेत्रीय स्वायत्ता प्रभावित करने वाला क्या बताया चीन तमतमा गया। उसने तुरंत अमेरिका को चेताते हुए न उलझने की सलाह दे डाली है।
बता दें कि चीन में प्रत्यर्पण को अनुमति देने वाली सरकार की योजनाओं के खिलाफ मध्य हॉन्ग कॉन्ग में हजारों प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया और 2 मुख्य राजमार्गों को बाधित कर दिया। हॉन्ग कॉन्ग को 1997 में चीन को सौंपे जाने के बाद शहर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
चीन के मुताबिक इस शोधित कानून के तहत ऐसे आरोपियों को प्रत्यर्पित किया जा सकेगा जिनकी दोषसिद्धि साबित होने पर उन्हें 7 साल या इससे ज्यादा कारावास की सजा का प्रावधान है। इसी कानून का बड़े पैमाने पर हॉन्ग कॉन्ग में विरोध हो रहा है।
आखिर क्यों हो रहा है विरोध
यह नया विधेयक मुख्य कार्यकारी के रूप में जाने वाले हॉन्ग कॉन्ग के नेता को अदालतों की समीक्षा के बाद प्रत्यर्पण अनुरोध स्वीकार करने की अनुमति दे देगा। प्रस्तावित विधेयक के समर्थकों का कहना है कि संशोधन यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं कि शहर अपराधियों का शरणस्थल नहीं बने। बता दें कि आलोचकों को इस बात की चिंता है कि चीन इस कानून का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों और अन्य को चीन प्रत्यर्पित करने के लिए कर सकता है जहां उनकी कानूनी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
कानून के विरोध में कहा जा रहा है कि संशोधनों में प्रक्रियात्मक सुरक्षा का अभाव हॉन्ग कॉन्ग की स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है। क्षेत्र में मानवाधिकारों, मौलिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रित मूल्यों की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।