फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

China-Taiwan Conflict: ताइवान के इर्द-गिर्द अब चीन ने कायम कर दिया है कि ‘न्यू नॉर्मल’

Sat, 20 Aug 2022 03:59 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

China-Taiwan Conflict: विश्लेषकों के मुताबिक 60 वर्ष पहले अमेरिकी हस्तक्षेप से ताइवान जलडमरुमध्य में एक माध्यिक रेखा (मेडियन लाइन) तय की गई थी, लेकिन अब चीन ने इस रेखा को निष्प्रभावी कर दिया है...
विज्ञापन
China-Taiwan Conflict: ताइवान के निकट चीन का युद्धाभ्यास - फोटो : ANI (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी रणनीतिक विशेषज्ञों की राय बनी है कि चीन ने ताइवान जलडमरुमध्य में न्यू नॉर्मल (एक नई स्थिति) कायम कर दिया है। इसके तहत अब वह ताइवान के आसपास और ताइवान के वायु क्षेत्र में लगातार सैनिक अभ्यास करता रहेगा। चीन की मुख्य भूमि और ताइवान द्वीप के बीच 180 किलोमीटर का जलडमरुमध्य है। अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से इस जल क्षेत्र में अपनी चीनी सेना उन स्थलों तक गई है, जहां पहले वह नहीं जाती थी।

अमेरिकी रणनीतिकारों के मुताबिक पेलोसी की यात्रा के पहले यह चेतावनी दी गई थी कि उनके इस कदम से चीन को ताइवान जलडमरुमध्य में यथास्थिति को बदलने को मौका मिल जाएगा। ये बात सच साबित हुई है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय में रक्षा नीति के प्रभारी उपमंत्री कॉलिन काल ने कुछ ही रोज पहले कहा- ‘चीन एक न्यू नॉर्मल बनाने की कोशिश में है। उसका मकसद ताइवान को धमकाना है।’

इस महीने के आरंभ में हुई पेलोसी की यात्रा के तुरंत बाद चीनी सेना ताइवान के आसपास एक बड़ा सैनिक अभ्यास शुरू कर दिया था। उस दौरान ताइवान के वायु क्षेत्र में विमानों ने उड़ान भरी और ताइवान के ऊपर से बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। लेकिन अमेरिकी रणनीतिकारों को उससे भी ज्यादा चिंता इस बात से हुई है कि सैनिक अभ्यास खत्म होने के बाद भी चीन के लड़ाकू विमानों ने ताइवान के वायु क्षेत्र में उड़ान भरना जारी रखा है। चीनी विश्लेषकों ने कहा है कि ऐसी उड़ानों के निकट भविष्य में रुकने की कोई संभावना नहीं है।

पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के प्रभारी अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डैनियल क्रिटेनब्रिंक ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पेलोसी की यात्रा के बाद से चीनी सेना ने ‘भड़काऊ, अस्थिरता लाने वाली और अभूतपूर्व’ कार्रवाइयां की हैं। जबकि चीन का आरोप है कि पेलोसी की यात्रा के एक भड़काऊ कार्रवाई थी। यह वन चाइना पॉलिसी का उल्लंघन थी, जिसके प्रति अमेरिका बार-बार अपनी वचनबद्धता जता चुका है।

विश्लेषकों के मुताबिक 60 वर्ष पहले अमेरिकी हस्तक्षेप से ताइवान जलडमरुमध्य में एक माध्यिक रेखा (मेडियन लाइन) तय की गई थी, जिसे व्यावहारिक रूप में चीन और ताइवान के बीच की सीमा समझा जाता था। चीन पेलोसी की यात्रा के पहले तक इस रेखा का पालन करता था। लेकिन अब उसने इस रेखा को निष्प्रभावी कर दिया है। इस तरह उसने नई स्थिति पैदा कर दी है।

अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में स्थित चाइना पॉवर प्रोजेक्ट ने बीते 12 अगस्त को जारी एक रिपोर्ट में कहा था- ‘चीन एक न्यू नॉर्मल कायम करने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत उसकी सेना अब ताइवान के इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है कि उसके कोई अलग वायु और जल क्षेत्र हैं।’

चीन के विश्लेषक भी इस बात से सहमत हैं। चीन की वेबसाइट गुआनचा.सीएन के स्तंभकार चेन फेंग ने लिखा है- ‘सैनिक अभ्यास में वास्तविक युद्ध की आभासी स्थिति बनाना अब न्यू नॉर्मल बन गया है। अब चीन यह तय कर सकता है कि क्या भविष्य में किसी अभ्यास को सचमुच के युद्ध में तब्दील कर दिया जाए।’

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें