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China: चीनी पत्रकार को जासूसी के आरोप में सात साल जेल की सजा; जापानी राजदूत से मिलते समय हिरासत में लिए गए थे

Sat, 30 Nov 2024 10:48 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

डोंग गुआंगमिंग डेली के संपादकीय विभाग के काम करते थे। इस अखबार को एक समय में अन्य सरकार समर्थित अखबारों की तुलना में अधिक उदार माना जाता था। डोंग ने न्यूयॉर्क टाइम्स के चीनी संस्करण में भी काम किया था।
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चीन का झंडा - फोटो : ANI
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विस्तार
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चीन में एक पत्रकार को जासूसी के आरोप में सात साल जेल की सजा सुनाई गई है। आरोपी पत्रकार डोंग युयु चीन की सरकारी मीडिया में भी काम कर चुके थे। डोंग के परिजनों ने इसकी पुष्टि की है।  

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोंग युयु 62 साल के हैं और उन्हें दो साल पहले साल 2022 में फरवरी माह में जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया था, तब से वह जेल में ही हैं। जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था उस समय वह 'गुआंगमिंग डेली' में काम करते थे। एक रेस्तरां में जापानी राजनयिक से मिलते वक्त पुलिस ने उन्हें पकड़ा था। पुलिस ने दावा किया था कि वे उस रेस्तरा में अक्सर अपने 'विदेशी मित्रों' से मिलते रहते थे। 

पत्रकार के परिजनों ने बताया कि बीजिंग नंबर 2 इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने जब यह फैसला सुनाया उस वक्त सभी को अदालत से बाहर कर दिया गया था। इतना ही नहीं फैसले की प्रति भी न तो उन्हें और न ही डोंग के वकील को साझा की गई। इसके अलावा, अदालत की वेबसाइट पर भी फैसले को नहीं शेयर किया गया है। 
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डोंग के परिवारीजनों ने यह भी बताया कि फैसले में तत्कालीन जापानी राजदूत हिदेओ तारुमी और शंघाई स्थित मुख्य राजनयिक मासारू ओकाडा को जासूसी संगठन से संबंधित एजेंट बताया गया है।

कम्युनिस्ट पार्टी के रुख के विरुद्ध लेख लिखते रहे हैं डोंग युयु
बता दें कि डोंग गुआंगमिंग डेली के संपादकीय विभाग के काम करते थे। इस अखबार को एक समय में अन्य सरकार समर्थित अखबारों की तुलना में अधिक उदार माना जाता था। डोंग ने न्यूयॉर्क टाइम्स के चीनी संस्करण में भी काम किया था। अपने लेखों में डोंग ने संवैधानिक लोकतंत्र और राजनीतिक सुधार के लिए अपना समर्थन जताया था। हालांकि बाद में इन लेखों को कम्युनिस्ट पार्टी के रुख के विरुद्ध माना गया।

वहीं, चीन में अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स ने डोंग की सज़ा की निंदा की।  उन्होंने कहा कि डोंग को अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता का प्रयोग करने के लिए दंडित करना अन्यायपूर्ण है। 

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