चीन ने कहा है कि वह भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने और सीमा पर परिसीमन के बारे में मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि भारत के साथ सीमा विवाद जटिल है और इसे सुलझाने में समय लगेगा। चीन सरकार के नियंत्रण वाले अखबार ग्लोबल टाइम्स ने वहां विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के हवाले से यह जानकारी दी।
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सार्क की जगह नया क्षेत्रीय समूह बनाना चाहते हैं चीन-पाकिस्तान
चीन भले भारत के साथ विवाद खत्म करने की बात कर रहा हो, लेकिन दक्षिण एशिया में भारत को अलग-थलग करने की पूरी कोशिश भी कर रहा है। इसी के तहत वह पाकिस्तान के साथ मिलकर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क या दक्षेस) की जगह एक नया क्षेत्रीय संगठन बनाने में जुटा है।
एक राजनयिक के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चीन व पाकिस्तान के बीच इस संगठन पर बातचीत आगे बढ़ चुकी है। दोनों आश्वस्त हैं कि क्षेत्रीय हैं एकीकरण के लिए नया संगठन जरूरी है। यह संगठन दक्षेस की जगह ले सकता है। दक्षेस में भारत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक राजनयिक ने कहा, चीन के शहर कुनमिंग में पाकिस्तान, चीन व बांग्लादेश की हाल में हुई त्रिपक्षीय बैठक इन्हीं कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा थी। हालांकि, बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने कहा, हम कोई गठबंधन नहीं बना रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत को नए संगठन में आमंत्रित किया जाएगा, जबकि श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान इसका हिस्सा हो सकते हैं।