वहीं, भारत ने मंगलवार को चीन के इस दृष्टिकोण को खारिज किया कि बीजिंग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की अवधारणा पर 1959 के अपने रुख को मानता है। भारत ने साथ ही कहा कि पड़ोसी देश तथाकथित सीमा की अपुष्ट और एकतरफा व्याख्या करने से बचे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस मामले पर कहा कि भारत ने कभी भी 1959 में एकतरफा रूप से परिभाषित तथाकथित वास्तविक नियंत्रण रेखा को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बरकरार रही है और चीनी पक्ष सहित सभी इस बारे में जानते हैं।
इससे पहले मंगलवार को वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर लंबे समय से चल रहे गतिरोध के संदर्भ में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारी उत्तरी सीमा पर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य असहज है जहां 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति है।
एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि वायुसेना ने स्थिति पर तेजी के साथ प्रतिक्रिया दी है। वह क्षेत्र में किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा, 'हमारी उत्तरी सीमा पर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य असहज है। हमारे सुरक्षा बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार हैं।'