भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में चल रहा सीमा विवाद अभी तक शांत नहीं हो पाया है। दोनों देश स्थिति सामान्य करने के लिए वार्ताओं के दौर में व्यस्त हैं। लेकिन, चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। गुरुवार को उसने सीमा विवाद का पूरा दोष एक बार फिर भारत पर डालने की कोशिश की। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बीजिंग और नई दिल्ली के बीच संबंध बेहतर बनाए रखने के लिए दोनों देशों को प्रयास करने की जरूरत है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की बीते दिनों एक टिप्पणी पर यह बयान दिया। बता दें कि जयशंकर ने कहा था कि चीन, भारत को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती को लेकर पांच अलग-अलग कारण बता चुका है। उन्होंने कहा था कि चीन की ओर से द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन से आपसी संबंधों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। जयशंकर ने यह बात बुधवार को कही थी।
गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में चुनयिंग ने कहा कि चीन और भारत पड़ोसी हैं और दुनिया के दो सबसे बड़े उभरते हुए बाजार हैं। ऐसे में बेहतर संबंध बनाए रखने से दोनों देशों और उनके नागरिकों के बुनियादी हित पूरे होते हैं। इसलिए दोनों देशों की ओर से साझा प्रयास किए जाने की जरूरत है। इन साझा प्रयासों को साफ करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चुनौतियां तो हैं लेकिन भारत को लेकर चीन का रुख और नीति नहीं बदली है।
चुनयिंग ने कहा कि हर संप्रभु देश की तरह हम भी अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें उम्मीद है कि भारच और चीन सहमति पर पहुंच सकते हैं और उपयुक्त तरीकों से मतभेदों को दूर कर व्यावहारिक सहयोग बढ़ा सकते हैं। बता दें कि दोनों के देशों के बीच सीमा विवाद का समाधान करने के लिए सैन्य स्तर की आठ दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं लेकिन अभी तक इन वार्ताओं का कोई सकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिल पाया है।