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चीन ने रचा इतिहास: चांद के सुदूर क्षेत्र से नमूने लेकर लौटा चांग ई-6, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दी बधाई

Tue, 25 Jun 2024 04:28 PM IST
मिथिलेश नौटियाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

चांग ई-6 को इस वर्ष 3 मई को चांद पर प्रक्षेपित किया गया था। यह चंद्रयान 2 जून को चांद के सुदूर क्षेत्र पहुंचा था। 4 जून को इसके द्वारा चांद की धूल और चट्टानों के नमूनों को एकत्रित करना शुरू किया। इस अभियान को पूरा होने में 53 दिन लगे।

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चीन का चांद पर मिशन चांग ई-6 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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चीन के चांग ई-6 अंतरिक्ष यान मंगलवार को धरती पर वापस आ गया। चांद के जिस क्षेत्र में अभी तक किसी देश ने कदम नहीं रखा, चीन के चांग ई-6 ने ऐसे क्षेत्र से नमूने एकत्र किए और धरती पर वापस आ गया। यह पहला ऐसा अंतरिक्ष यान है, जो चीन के सुदूर क्षेत्र से नमूने लेकर धरती पर वापस लौटा है। 

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चीन के अंतरिक्ष अन्वेषण में ऐतिहासिक कार्यक्रम
चीन के अंतरिक्ष अन्वेषण में यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम साबित हुआ है। चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) ने बताया कि यह अभियान पूर्ण रूप से सफल रहा। आगे बताया गया है कि चांग ई-6 को उत्तरी चीन के सिजिवांग में उतारा गया।  उधर चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग ने चांग ई-6 अभियान की सफलता पर खुशी जताई है। इसी के साथ चीन पहली बार चांद के सुदूर क्षेत्र में पहुंचा और वहां से नमूने एकत्र कर धरती पर ले आया।

चांद की धूल और चट्टानों पर शोध करेंगे वैज्ञानिक
चीन विश्व का एकमात्र देश है, जिसके द्वारा चांद के सुदूर क्षेत्र में कदम अपना अंतरिक्ष यान उतारा गया और वहां मौजूद धूल और चट्टानों के नमूने एकत्र किए। चांग ई-6 के पुन: प्रवेश वाले भाग (Reentry Module) को सिजिवांग से बीजिंग लाया गया है। सीएनएसए ने बताया कि बीजिंग में चांद से एकत्रित किए गए नमूनों को वैज्ञानिकों की टीम को सौंपा जाएगा। इसके बाद इन नमूनों पर शोध किया जाएगा। सीएनएसए ने आगे बताया कि चांग ई-6 चांद से करीब दो किलोग्राम धूल और चट्टानों के नमूने लेकर आया है। चीन के शोधकर्ताओं द्वारा इन नमूनों का परीक्षण किया जाएगा।
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अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद
चांग ई-6 को इस वर्ष 3 मई को चांद पर प्रक्षेपित किया गया था। यह अंतरिक्ष यान 2 जून को चांद के सुदूर क्षेत्र पहुंचा था। 4 जून को इसके द्वारा चांद की धूल और चट्टानों के नमूनों को एकत्रित करना शुरू किया। चीन के इस मिशन को पूरा होने में कुल 53 दिन लगे। चांग ई-6 इस मायने में भी खास है क्योंकि इसने चांद के उस हिस्से पर उतरा है, जो हमेशा पृथ्वी से दूर रहा है और यहां पर कभी भी सूर्य की किरणें नहीं पड़ी हैं। ऐसे में इस क्षेत्र के नमूनों से वैज्ञानिक तौर पर अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

वर्ष 2030 तक चांद पर मानव मिशन भेजेगा चीन
नमूनों के परीक्षण से इस बात का खुलासा हो सकता है कि चंद्रमा का निर्माण कैसे हुआ। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ा है और यह अमेरिका और रूस से मुकाबला करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम सैन्य उद्देश्यों के लिए हो सकता है। चीन ने वर्ष 2030 तक चांद पर मानव मिशन भेजने का लक्ष्य तय किया है। अमेरिका भी चांद पर साल 2026 में फिर से मानव मिशन भेजने की योजना बना रहा है।

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