चीन ने एक नया विवाद खड़ा करते हुए दावा किया है कि उसे मंगलवार को विदेश से आयातित फ्रीज किए हुए खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में कोरोना वायरस मिला है। यह खाद्य पदार्थ इक्वाडोर से आयात किए झींगे हैं। चीन ने इन्हें भेजने वाली कंपनी को एक हफ्ते के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। चीन के इस कदम को राजनीतिक तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है, अमेरिका ने इन्हें अंतरराष्ट्रीय कारोबार को बाधित करने का प्रयास करार दिया है।
चीन ने पहले भी इस प्रकार के कदम मछलियों और अन्य आयातित खाद्य पदार्थों को लेकर उठाए थे। इसके बाद यहां के सुपरमार्केट में बेची जा रही आयातित चीजों पर वायरस फ्री होने के टैग लगाए जा रहे हैं। चीन ने अब तक पैकेजिंग के जरिए संक्रमण होने के दावे पर कोई साक्ष्य नहीं दिए हैं।
इसी वजह से अमेरिका, न्यूजीलैंड, कनाडा और यूरोपीय संघ ने उसके दावे पर प्रश्न उठाए हैं। अमेरिका ने इसे अंतराष्ट्रीय खुले कारोबार में बाधा पहुंचाने वाला कदम बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने अमेरिका के आरोपों को आधारहीन बताया।
खाने से कोरोना होने का साक्ष्य नहीं : डब्ल्यूएचओ
खास बात है कि विशेषज्ञ पैकेजिंग के सामान में वायरस की मौजूदगी को सेहत के लिए खतरा नहीं मानते। हालांकि विभिन्न शोध प्लास्टिक और कार्ड बोर्ड पर कोरोना वायरस के कुछ समय जीवित रहने की बात स्वीकारते हैं, लेकिन इनसे स्वास्थ्य पर क्या खतरा है, यह अभी साफ नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी पैकेजिंग के सामान से संक्रमण होना बेहद दुर्लभ बताया है, न ही ऐसा कोई साक्ष्य सामने आया है कि कुछ खाने की वजह से लोगों को कोरोना हुआ।