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China-Philippines ties: क्या चीन और फिलीपींस में अब मेलमिलाप हो गया है?

Thu, 05 Jan 2023 04:09 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

China-Philippines ties: फिलीपींस और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर में लंबे समय से इलाकाई विवाद चल रहा है। इस मामले में एक अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने 2016 में चीन के खिलाफ फैसला दिया था। ट्रिब्यूनल ने कहा था कि विवादित इलाकों में फिलीपींस को तेल और गैस की खोज करने का अधिकार है...
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China-Philippines ties: Xi Jinping with Ferdinand Romualdez Marcos Jr - फोटो : Agency
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विस्तार
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China-Philippines ties: फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनैंड मारकोस जूनियर ने दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के माहौल में दो दिन की चीन यात्रा की। दक्षिण चीन सागर में दोनों देशों के बीच पुराना इलाकाई विवाद दिसंबर के आखिरी हफ्ते में काफी भड़क गया था। लेकिन ऐसा लगता है कि मारकोस की बीजिंग यात्रा पर उस विवाद का ज्यादा साया नहीं पड़ा है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मारकोस की बुधवार को शिखर वार्ता हुई। इसके बाद जारी बयान में कहा गया कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाएंगे। शी जिनपिंग ने दक्षिण चीन सागर में साझा तौर पर तेल और गैस का पता लगाने की कोशिशों को फिर से शुरू करने की पेशकश मारकोस के सामने रखी। साथ ही उन्होंने कहा- ‘चीन समुद्री मुद्दों को दोस्ताना ढंग से और राय-मशविरे के जरिए हल करने को तैयार है। साथ ही वह गैर-विवादित क्षेत्रों में तेल और गैस क्षेत्र के साझा विकास, और ग्रीन एनर्जी, पवन ऊर्जा और नई ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग के लिए भी तैयार है।’

कूटनीति विशेषज्ञों ने इसे महत्त्वपूर्ण बताया है कि मारकोस ने चीनी राष्ट्रपति की इस पहल का स्वागत किया। दोनों देशों के साझा बयान के मुताबिक फिलीपींस के राष्ट्रपति ने कहा- ‘मुझे इस बात की वास्तविक आशा है कि हम बातचीत जारी रखने की घोषणा करने में सफल होंगे और हमें उम्मीद है कि उन वार्ताओं से का अच्छा परिणाम निकलेगा।’

फिलीपींस और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर में लंबे समय से इलाकाई विवाद चल रहा है। इस मामले में एक अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने 2016 में चीन के खिलाफ फैसला दिया था। ट्रिब्यूनल ने कहा था कि विवादित इलाकों में फिलीपींस को तेल और गैस की खोज करने का अधिकार है। लेकिन चीन ने उस फैसले को मानने से इनकार कर दिया।

विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि फिलीपींस ने पहले भी चीन के साथ साझा तौर पर तेल और गैस की खोज करने के प्रस्ताव पर विचार किया है। उसने इस मामले में चीन के साथ सहमति बनाने की कोशिश की है। लेकिन ये कोशिशें कामयाब नहीं हुई हैं। इसे देखते हुए फिलीपींस के तत्कालीन राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने पिछले जून में चीन के साथ बातचीत खत्म करने का एलान कर दिया था। दुतेर्ते प्रशासन ने कहा था कि फिलीपींस के संविधान के मुताबिक देश की सरकार उस मुद्दे पर बातचीत नहीं कर सकती, जिसका संबंध देश की संप्रभुता से है।

पिछले महीने मारकोस ने दक्षिण चीन सागर में जारी विवाद को चीन-फिलीपींस संबंध में एक बड़ी अड़चन बताया था। उसके बाद खबर आई कि चीन ने विवादित इलाकों में अपने जहाज भेज दिए हैं। उससे बढ़े तनाव के बीच तब अटकलें लगाई गई थीं कि मारकोस की चीन यात्रा टल सकती है। लेकिन समझा जाता है कि फिलीपींस के कारोबारी समूह चीन से रिश्ता सुधारने के पक्ष में हैं। फिलीपींस के धनी कारोबारी मैनुएल पैन्गिलिनन ने बिना ज्यादा ब्योरा दिए पिछले महीने कहा था कि उनकी तेल और गैस कंपनी चीनी कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। अब लगता है कि कारोबारी हित मारकोस सरकार की नीति को प्रभावित करने में सफल रहे हैं।

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