हांगकांग के मामलों की देखरेख करने वाले चीन के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को कहा कि हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे अभी भी बरकरार हैं। हांगकांग में कुछ वर्ष पहले विरोध प्रदर्शनों की लहर देखी गई थी। ये विरोध प्रदर्शन चीन द्वारा लागू किए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के खिलाफ हुए थे। जिसके बाद चीन ने विद्रोही नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की थी और कई को जेल में डाल दिया। हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर हांगकांग में चीन के निदेशक जियो बाओलांग ने कहा कि अभी भी हांकांग में विरोध के स्वर बाकी हैं और ये नए रूपों में उभर सकते हैं।
चीनी अधिकारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का किया बचाव
जिया बाओलांग ने कहा कि हांगकांग में बाहरी ताकतों ने अभी भी अपना हस्तक्षेप बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा कि 'हांगकांग अराजकता से व्यवस्था में बदल गया है। लेकिन अभी भी खतरे बरकरार हैं। बीजिंग और हांगकांग सरकारों ने 2019 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद शहर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को आवश्यक माना। इसी कानून के तहत, अब बंद हो चुके 'एप्पल डेली' अखबार के संस्थापक जिमी लाइ सहित कई प्रमुख लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं पर मुकदमा चलाया गया। दर्जनों नागरिक समाज समूह भंग किए गए। इस महीने, अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें लोकतंत्र समर्थक युवा कार्यकर्ता जोशुआ वोंग पर दूसरी बार कानून के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें पिछले साल ही एक मामले में सजा सुनाई गई थी और एक मोबाइल गेम ऐप को निशाना बनाया गया।
विद्रोह को दबाने की कोशिश जारी
पिछले हफ्ते, हांगकांग में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों और शहर की पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत करने के संदेह में छह लोगों के घरों पर छापेमारी की गई। चीन के आलोचकों का कहना है कि हांगकांग में पश्चिमी शैली की नागरिक आजादी, जो हांगकांग के ब्रिटिश उपनिवेश होने के दौरान थी, वह साल 1997 में हांगकांग पर चीनी शासन काबिज होने के बाद से सिकुड़ रही हैं।