पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ जारी तनाव के बीच चीन की विस्तारवादी नीति एक बार फिर दुनिया के सामने आई है। चीन ने अब पड़ोसी नेपाल की जमीन पर कब्जा कर उस पर अवैध रूप से नौ बिल्डिंग खड़ी कर दी है। मामला प्रकाश में आने के बाद अब नेपाल में चीन का विरोध शुरू हो गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने नेपाल सरकार को भरोसे में लिए बगैर उसके सीमावर्ती हुमला जिले में घुसकर जमीन कब्जा ली है। जमीन नौ बिल्डिंग बनाने के बाद अब वो इसे अपनी जमीन बता रहा है। चीन ने अब नेपाली नागरिकों को पूरे इलाके में घुसने से रोक दिया है।
लपचा के सरपंच विष्णु बहादुर लामा के मुताबिक, मैं सीमावर्ती इलाके में घूमने के लिए निकला था, लेकिन चीनी सैनिकों ने लिमी गांव में घुसने से रोक दिया। चीनी सैनिकों ने मुझे वापस भेज दिया। लामा ने अपने मोबाइल से चीनी निर्माण की तस्वीरें भी खींची हैं। चीन की सेना नेपाल की सीमा के दो किलोमीटर अंदर तक आ गई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले साल जब चीनी पक्ष की तरफ से लिमी और लापचा के बीच सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा था, उस समय सिर्फ तीन भवनों का आधार खड़ा किया गया था। नेपाल के विरोध के बाद निर्माण बंद कर दिया गया था, लेकिन अभी अचानक नौ इमारतें तैयार हो गईं।
पहले भी कब्जा की है जमीन
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, जब चीन ने नेपाली क्षेत्र पर कब्जा किया है। दो महीने पहले उसने नेपाल के गोरखा जिले में रुई गांव पर कब्जा कर लिया था। हाल में आई नेपाल के कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने कम से कम 11 जगहों पर नदियों का रास्ता बदलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है।