चीन की मोबाइल भुगतान सेवा वीचैट-पे का नेपाल में इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। समझा जाता है कि इस कदम के जरिए चीन और नेपाल के बीच वित्तीय संबंधों को मजबूत बनाने की कोशिश की गई है। इस सेवा की शुरुआत के लिए नेपाल के एनएमबी बैंक ने वीचैट-पे के साथ एक करार किया है। यह सेवा शुरू हो जाने के बाद अब चीन के नागरिक नेपाल यात्रा के दौरान खरीदारी के बदले तमाम भुगतान अपने मोबाइल सेट के जरिए कर सकेंगे।
नेपाल में चीन के मोबाइल भुगतान एप के इस्तेमाल को शुरू करने की तैयारी तीन साल से चल रही थी। फरवरी 2020 में नेपाल के सेंट्रल बैंक नेपाल राष्ट्र बैंक ने एनएमबी बैंक को इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की अनुमति दी थी। लेकिन तब कोरोना महामारी आ जाने के कारण यह काम रुक गया।
अब नेपाल में वीचैट-पे का इस्तेमाल शुरू हो गया है। इसे चीन के साथ नेपाल की बढ़ रही निकटता का ठोस संकेत माना गया है। नेपाल स्थित चीन के राजदूत चेन सोंग ने इस शुरुआत का स्वागत करते हुए कहा- ‘वित्तीय जुड़ाव की दिशा में यह एक नया कदम है। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत प्रस्तावित पांच कनेक्टीविटीज (जुड़ाव) में से यह एक है।’ चेन ने दावा किया कि इस कनेक्टीविटी की शुरुआत से दोनों देशों को ठोस लाभ होंगे।
चीनी राजदूत की इस प्रतिक्रिया ने कूटनीति विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। उनके मुताबिक इस टिप्पणी के जरिए चीनी राजदूत ने बीआरआई प्रोजेक्ट की अहमियत को फिर से चर्चा के केंद्र में लाने की कोशिश की है। जबकि नेपाली अधिकारियों ने अपनी टिप्पणियों में इस शुरुआत से दोनों देशों के नागरिकों को होने वाले लाभों का जिक्र भर किया है।
एनएमबी बैंक के डिप्टी सीईओ सुदेश उपाध्याय ने बताया- ‘अब नेपाल आने वाले चीनी यात्री वीचैट-पे के जरिए अपने मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन करते हुए कोई भी भुगतान कर सकेंगे। फिलहाल ये सेवा सिर्फ चीनी यात्रियों के लिए होगी। नेपाली नागरिक नेपाल में या चीन यात्रा के दौरान अभी इस सेवा का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। चीनी यात्रियों को यह सेवा मिलने से नेपाल को विदेशी मुद्रा की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।’
पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि मई 2019 में नेपाल सरकार ने वीचैट-पे और अली-पे के जरिए भुगतान पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब उसने कहा था कि इन दोनों चीनी एप के जरिए ऑनलाइन पेमेंट गैर-कानूनी है और इससे नेपाल को आर्थिक नुकसान हो रहा है। लेकिन अब नेपाली अधिकारियों ने अपनी राय बदल ली है।
वीचैट टेन्सेंट कंपनी की मेसेजिंग सेवा है, जबकि अली-पे अलीबाबा कंपनी का एप है। इन दोनों का चीन में लेन-देन के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। नेपाली अधिकारियों ने कहा है कि वीचैट-पे के साथ नेपाल में भले शुरुआत हुई हो, लेकिन यह सुविधा सिर्फ चीनी एप्स के लिए नहीं है। भारत के साथ भी डिजिटल पेमेंट शुरू करने का नेपाल समझौता कर चुका है। यह सेवा जल्द ही शुरू की जाएगी।