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दावा: कोरोना की उत्पत्ति का पता करना अब और होगा मुश्किल, चीन ने एक और कड़ी गायब की

Mon, 28 Jun 2021 06:43 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, लंदन

सार

  • चीनी शोधकर्ता ने वुहान में दर्ज शुरुआती संक्रमण की जीनोम सीक्वेंसिंग से जुड़े आंकड़े अमेरिकी डाटाबेस से हटवाए
  • चीन के वुहान में दर्ज शुरुआती संक्रमणों की जीनोम सीक्वेंसिंग से जुड़ा डाटा अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के पोर्टल पर था
  • अमेरिकी संस्थान ने अध्ययन करने वाले चीनी शोधकर्ता के आग्रह पर वह डाटा अपने पोर्टल से डिलीट कर दिया है
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Wuhan Institute of Virology - फोटो : Twitter@PeterDaszak
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विस्तार
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अमेरिका में एक नया दावा किया गया है कि चीन ने कोरोना महामारी की उत्पत्ति की जांच के रोकने के लिए वायरस जीनोम के स्रोत तक पहुंचने  की एक अहम कड़ी हटवा दी है।

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दिसंबर 2019 में सबसे पहले वुहान में सामने आए संक्रमण के स्रोत की जांच में चीन सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। उसने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद महीनों जांच को टाला। उसने वीटो का उपयोग करके खुद बच निकलने के लिए जांच के दायरे में अन्य देशों को लाने की कोशिश की।

अब पता चला है कि चीन ने वुहान में दर्ज शुरुआती संक्रमणों की जीनोम सीक्वेंसिंग से जुड़ा डाटा अमेरिकी डाटा बेस से हटवा दिया है। एक चीनी शोधकर्ता के इस अध्ययन का डाटा अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के पोर्टल पर था। अमेरिकी संस्थान ने वह अध्ययन करने वाले चीनी शोधकर्ता के आग्रह पर वह डाटा अपने पोर्टल से डिलीट कर दिया है।
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अमेरिका के सिएटल के हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर में वायरोलॉजिस्ट जेसी ब्लूम के अनुसार, 3 महीने पहले जमा किए गए चीनी शोधकर्ता के इस शोध की अन्य वैज्ञानिक संस्थान समीक्षा करते, उससे पहले ही चीन ने उसे डिलीट करवा दिया है।

इस अमेरिकी डाटा बेस का दुनिया भर के शोधकर्ता प्रमुखता से इस्तेमाल करते हैं। अमेरिकी संस्थान में एक बयान में कहा, चीनी शोधकर्ता के कहने पर उसने यह शोध पत्र अपने डाटा बेस से हटा दिया है।

डब्ल्यूएचओ की टीम को अंधेरे में रखा गया
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, वायरस की उत्पत्ति जानने के लिए इस साल के शुरू में वुहान पहुंची डब्ल्यूएचओ की टीम को पहले से जारी शोधों के बारे में अंधेरे में रखा गया। इससे टीम को वायरस से जुड़ी जानकारियां पाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। चीन की सहमति के बिना वह कोई भी जांच गहराई से नहीं कर सकती थी। चीन में सबसे पहले मिले कोविड-19 के मामलों का कच्चा डाटा जांच टीम को नहीं दिया गया।

अब अमेरिकी डाटा बेस से कोरोना वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग से जुड़ा डाटा भी डिलीट करवा दिया गया है। यह भी महत्वपूर्ण साक्ष्य था। यहां तक कि चीन के वुहान में मांस के बाजार में किसी भी जीवित स्तनधारी जीव की बिक्री का साक्ष्य डब्ल्यूएचओ की टीम को नहीं मिला जिससे कोरोना फैलने की पुष्टि हो। यहां वन्यजीवों के गैरकानूनी कारोबार की पुष्टि बाजार के अधिकारियों ने नहीं की।

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