चीन ने पहली बार किया समुद्र से रॉकेट छोड़ने का परीक्षण
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चीन ने बुधवार को पहली बार समुद्री सतह पर मोबाइल प्लेटफार्म के जरिए अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने का सफल परीक्षण किया। उत्तर कोरिया की सीमा पर पीले सागर में किए गए इस परीक्षण लांच के जरिए चीन ने दो तकनीकी प्रयोग वाली सैटेलाइट और 5 व्यवसायिक सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा।
चीन ने शेनडोंग राज्य के समुद्र में एक जहाज पर लगे प्लेटफार्म से लंबे मार्च-11 ठोस प्रोपेलेंट करियर रॉकेट को स्थानीय समय के हिसाब से दोपहर 12.06 बजे लांच किया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यह चीन का समुद्र में स्थित प्लेटफार्म से पहला और मार्च सीरीज के रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा गया 306वां मिशन था। बता दें कि चीन ने हालिया सालों म्रें अंतरिक्ष के क्षेत्र में बेहद तरक्की की है। साथ ही चीन वर्ष 2022 तक अंतरिक्ष में अपना स्टेशन भी तैयार कर लेने की दिशा में सफलता से बढ़ रहा है।
क्यों खास है यह परीक्षण
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, समुद्र स्थित मोबाइल प्लेटफार्म से रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने में कम ऊर्जा की खपत होती है। भूमध्य रेखा के करीब होने से रॉकेट को गति ज्यादा मिलती है और वह कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय कर सकता है। लांच साइट के लचीले होने से भी रॉकेट को अतिरिक्त गति मिलती है। साथ ही समुद्र में परीक्षण होने पर रॉकेट के फेल होने की स्थिति में उसके टुकड़ों से नुकसान की आशंका भी कम हो जाती है। साथ ही शिन्हुआ का यह भी दावा है कि समुद्री तकनीक के चलते चीन को सैटेलाइट लांचिंग के क्षेत्र में अन्य देशों पर बढ़त मिलेगी और वह अपनी महत्वाकांक्षी वन बेल्ट-वन रोड योजना से जुड़े देशों को भी सस्ते में सैटेलाइट लांच करने में मदद कर पाएगा।