चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने नए साल में भारत की सीमा से सटे तिब्बत में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इसके लिए चीन ने चार हजार मीटर से ज्यादा की ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाके में नई हथियार प्रणालियां तैनात की हैं, जिनमें हल्के युद्धक टैंक टाइप-15 और 155-एमएम व्हीकल-माउंटेड होवित्जर तोप जैसे हथियार भी शामिल हैं।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, पीएलए की तिब्बत सैन्य कमान यह अभ्यास कर रही है। भारत-चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। इसके लिए तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लेकर समूचे सीमावर्ती क्षेत्र में हेलीकॉप्टर, सशस्त्र वाहन, भारी तोपखाने और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें तैनात की गई हैं। अखबार के अनुसार, ऊंचाई वाले स्थानों के लिहाज से तैयार किए गए ये हथियार सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अखबार में सैन्य मामलों के एक विशेषज्ञ के हवाले से बताया गया है कि उन्नत टैंकों में शक्तिशाली इंजन लगाए गए हैं। इससे उन्हें तिब्बत जैसे ऊंचाई वाले स्थानों पर आसानी से ले जाया जा सकता है। भारी हथियारों की ऑक्सीजन की कमी वाले सीमा क्षेत्रों में तैनाती नहीं जा सकती है।
बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा है चीन
इससे पहले रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र ने जानकारी दी थी कि चीन, लद्दाख से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में अपने बुनियादी ढाचे को बढ़ा रहा है। जानकारी के मुताबिक, चीनी सेना लद्दाख क्षेत्र में पैंगोंग झील से सटे क्षेत्र में सैन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर काम शुरू कर चुकी है। चीनी सेना ने इस इलाके में टेंट स्थापित किया है और वह इस इलाके में भूमिगत सुरंगों का निर्माण किया है।
अक्तूबर में किया टाइप-15 का प्रदर्शन
चीन ने पिछले वर्ष एक अक्तूबर को राष्ट्रीय सैन्य परेड में टाइप-15 टैंक और होवित्जर तोप का पहली बार प्रदर्शन किया था। टाइप-15 दुनिया में इकलौता आधुनिक हल्का टैंक है, जो 105 मिलीमीटर गन और उन्नत सेंसर से लैस है।