चीन के रक्षा मंत्रालय ने हॉटलाइन को लेकर क्या कहा?
चीन के रक्षा मंत्रालय ने हॉटलाइन की घोषणा करते हुए कहा, बीजिंग और टोक्यो के रक्षा विभागों के बीच बनी सहमति के अनुसार दोनों पक्षों ने हाल ही में समुद्री और वायु संपर्क तंत्र के लिए एक हॉटलाइन (सीधी टेलीफोन लाइन) बनाने का काम पूरा कर लिया है। मंत्रालय ने कहा कि इस हॉटलाइन की स्थापना चीन और जापान के रक्षा विभागों के बीच संचार चैनलों को प्रभावी ढंग से मजबूत करेगी, समुद्री और हवाई संकटों का प्रबंधन और नियंत्रण करने के लिए दोनों पक्षों की क्षमताओं को मजबूत करेगी और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगी।
द्वीपों पर चीन, जापान और ताइवान करते हैं अपना दावा
पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले वाले द्वीपों को लेकर चीन और जापान के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। चीन इन द्वीपों पर अपना दावा करता है।
करीबी रक्षा संबंध रखते हैं जापाना और ताइवान
इन द्वीपों को जापान द्वारा सेंकाकस के रूप में जाना जाता है, जबकि चीन ने उन्हें दियाओयू नाम दिया है। ताइवान भी इन द्वीपों पर दावा करता है। हालांकि, उसने किसी भी संघर्ष से बचने के लिए जापान के साथ समझौता किया है, क्योंकि जापान, ताइपे के साथ करीबी रक्षा संबंध रखता है। चीनी रक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित हॉटलाइन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों की नौसेनाओं और वायु सेनाओं ने अपने दावों पर जोर देने के लिए द्वीपों पर आक्रामक गश्त की थी।