वांग ने कहा कि 37 राष्ट्राध्यक्ष बीआरएफ में शामिल होने वाले हैं। 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और 5000 प्रतिभागियों के करीब 90 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बीआरएफ में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। बैठक में हिस्सा लेने वाले देशों में पाकिस्तान और नेपाल के नेता शामिल हैं। भारत ने पहले ही बीआरएफ का बहिष्कार करने का संकेत दिया है जैसे कि उसने 2017 में भी सीपीईसी पर अपनी आपत्तियों को उजागर करने के लिए किया था।
चीन ने उत्तर कोरिया को भेजा निमंत्रण
बीआरएफ में शामिल होने के लिए चीन ने उत्तर कोरिया को भी निमंत्रण भेजा है। चीन के इस निमंत्रण को उत्तर कोरिया ने स्वीकार कर लिया है। यूरोप और अमेरिका ने अरबों डालर की चीन की इस परियोजना का विरोध किया है। अमेरिका का कहना है कि चीन की इस परियोजना का मकसद एशिया देशों के अलावा यूरोप और अफ्रीका तक अपनी पहुंच को बढ़ाना है। इससे तमाम देश चीन के कर्ज के जाल में फंसते चले जाएंगे।