फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Germany: ताइवानी राजदूत ने की चीन को महासभा से निष्कासित करने की मांग, कहा- UN का भागीदार बनने के काबिल नहीं

Mon, 06 May 2024 01:03 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, म्यूनिख

सार

ताइवान के राजदूत शीह झाई-वे ने अपने बयान में चीन और संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवता के खिलाफ अत्याचारों जानते हुए भी चीन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
Taiwanese Ambassador to Germany, Shieh Jhy-Wey - फोटो : World Uyghur Congress/ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जर्मनी में ताइवान के राजदूत शीह झाई-वे ने कहा कि चार्टर की शर्तों के अनुरूप चीन संयुक्त राष्ट्र का हिस्सा होने की काबिलियत नहीं रखता है। चीन में उइगरों, तिब्बतियों, हांगकांग और उसके लोगों के खिलाफ किए जा रहे अत्याचारों को देखते हुए उसे बहुत पहले ही संयुक्त राष्ट्र से निष्काषित कर दिया जाना चाहिए था। म्यूनिख में मनाई जा रही विश्व उइगर कांग्रेस की 20वीं वर्षगांठ पर ताइवान के दूत ने अपने कब्जे वाले क्षेत्रों पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के अत्याचारों का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उनके कब्जे वाले क्षेत्रों के लोग समान चीन की ओर से पैदा किए गए दुर्भाग्य का सामना कर रहे हैं और इसके लिए विभिन्न देशों को एकजुट होने की जरूरत है।

विज्ञापन


झाई-वे ने अपने बयान में चीन और संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवता के खिलाफ अत्याचारों जानते हुए भी चीन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का हवाला देते हुए कहा, यदि चीन द्वारा उइगुरों, तिब्बतियों, हांगकांग और उसके लोगों के खिलाफ किए जा रहे अत्याचारों पर एक साथ बात रखी जाती तो सीपीसी को बहुत पहले संयुक्त राष्ट्र बाहर कर दिया गया होता। 

ताइवानी राजदूत ने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय 2 के अनुच्छेद 6 के मुताबिक अगर किसी भी सदस्य देश ने लगातार सिद्धांतों का उल्लंघन किया तो उसे सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर महासभा द्वारा निष्कासित कर दिया जाएगा। अब अगर हम उसी चार्टर पर टिके रहते हैं, जिस पर संयुक्त राष्ट्र को गर्व है तो चीन इसका तब तक सदस्य बनने के काबिल नहीं है, जब तक सीपीपी चीन पर शासन कर रही है। राजदूत ने अपने बयान में सीपीसी से पीड़ित लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया और कहा, हमें चोट पहुंचाने की कोशिश करने वाले दुश्मन से एक-दूसरे की रक्षा करना है। ये वे सार्वभौमिक मूल्य हैं जो हमें एकजुट करते हैं और हमेशा एक-दूसरे के साथ लाते हैं। यही वजह है कि दुनियाभर से उइगुर, तिब्बती, हांगकांगवासी और ताइवानी एकजुटता दिखा रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें