चीन ने एडवांस लाइट वेट टाइप-15 टैंक नौसेना में शामिल किए हैं। यह टैंक युद्धपोतों से समुद्र में उतारे जा सकते हैं। यानी समुद्र में भी ये टैंक हमले करने में सक्षम हैं। टाइप 15 विकसित करते समय चीन ने साल 2018 तक इसके अस्तित्व को नकार कर इसकी गोपनीयता बनाए रखी।
ग्लोबल टाइम्स और एशिया टाइम्स ने अपनी रिपोर्टों में बताया, इसे अब न केवल जमीनी लड़ाई में पीपल्स लिबरेशन आर्मी ( पीएलए ) बल्कि नौसेना की मरीन कोर भी इन्हें समुद्र में तैनात कर सकती है। 70 किमी प्रतिघंटे से चलने वाला टैंक तेज हमले के लिए बनाया गया है। इसे अदन की खाड़ी में एस्कॉर्ट मिशन व यमन में बचाव मिशन सहित कई संयुक्त अंतरराष्ट्रीय युद्ध अभ्यासों में इस्तेमाल किया गया। चीन के सेंट्रल टीवी ने बताया कि टैंक मरीन कॉर्प ब्रिगेड मदद करेगा।
3 किमी मारक क्षमता
ये टैंक 105 एमएम राइफल गन से युक्त हैं। इसकी क्षमता 3 किमी होने का दावा किया जा रहा है। इससे आर्मर पियर्सिंग हाई एक्सप्लोसिव, एंटीटैंक और हाई एक्सप्लोसिव राउंड दागे जा सकते हैं। इसे अमेरिकी टैंकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
गनर के लिए अलग इंतज़ाम
चीनी मीडिया के अनुसार टाइप 15 में स्टेबलाइजर गन है। इसमें लगे आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम, बैलेस्टिक कंप्यूटर, लेजर रेंज फाइंडर और थर्मल साइट की सहायता से गनर इसका बेहतर इस्तेमाल कर सकता है।
पश्चिमी सीमा पर भेजा गया
टाइप 15 के कई बैच चीन की थल सेना को पिछले 1 साल में दिए जा चुके हैं। इन्हें मुख्य तौर पर तिब्बत और शिनजियांग स्थित सेना कमान में रखा गया है। यह ऊंचे और पहाड़ी स्थलों पर काम करने के लिए जाना जाता है, लेकिन हल्का होने की वजह से उन मुश्किल हालात में भी काम कर सकता है, जहां हैवी बैटल टैंक इस्तेमाल नहीं हो सकते। यानी यह तटीय क्षेत्रों, शहरों, जंगल व पानी भरे क्षेत्रों में भी काम कर सकता है।