हालिया प्रतिबंधों की शुरुआत सोमवार को उत्तरी चीन के शांसी प्रांत के फेन्यांग शहर से हुई है। चीनी मीडिया के मुताबिक शहर भर की टेस्टिंग में कोरोना के मामलों में तेजी दर्ज की गई। इस पड़ोसी राज्य इनर मंगोलिया इलाके की राजधानी होहोट में बाहर से आने वाले वाहनों और लोगों पर पाबंदी लगा दी गई है। ये प्रतिबंध आज यानी मंगलवार से लागू हो जाएगा।
दुनियाभर पर भले ही कोरोना का साया कुछ कम हुआ है, लेकिन चीन अब भी सख्त पाबंदियों के दौर से गुजर रहा है। चीन में छुट्टियों की वजह से कोरोना के मामलों में तीन गुना इजाफा हुआ है और इसकी वजह से कड़े प्रतिबंधों की फिर से वापसी हो गई है। बता दें कि अगले हफ्ते बीजिंग में कम्युनिस्ट पार्टी की अहम मीटिंग है।
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हालिया प्रतिबंधों की शुरुआत सोमवार को उत्तरी चीन के शांसी प्रांत के फेन्यांग शहर से हुई है। चीनी मीडिया के मुताबिक शहर भर की टेस्टिंग में कोरोना के मामलों में तेजी दर्ज की गई। इस पड़ोसी राज्य इनर मंगोलिया इलाके की राजधानी होहोट में बाहर से आने वाले वाहनों और लोगों पर पाबंदी लगा दी गई है। ये प्रतिबंध आज यानी मंगलवार से लागू हो जाएगा।
होहोट में पिछले 12 दिनों में 2 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। चीन दुनिया के उन चंद देशों में से एक है जहां अब भी कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों को लगाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण को लेकर सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी काफी चिंतित है। इसका कारण है रविवार को होने वाली पार्टी की महत्वपूर्ण मीटिंग। ये मीटिंग 5 साल में एक बार होती है और इसमें पार्टी देश के सामने अपनी अच्छी छवि पेश करना चाहती है।
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कांग्रेस से पहले तगड़ी एहतियात
एक अक्टूबर को चीन का सालाना राष्ट्रीय दिवस था। इस मौके पर भी प्रशासन लोगों को शहर और प्रदेश छोड़ कर न जाने की हिदायत दी। इसके बावजूद रोजाना केस की संख्या 600 से बढ़कर 1800 हो गई। नेता किसी भी बड़े संक्रमण की छाया कम्युनिस्ट पार्टी की महत्वपूर्ण कांग्रेस पर नहीं पड़ने देना चाहते, लेकिन जीरो कोविड की सख्त नीति अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही है। पाबंदियों की वजह से छोटे व्यापारियों और अस्थायी कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। चीन की ज्यादातर आबादी ये मानती है कि कम्युनिस्ट पार्टी की मीटिंग के बाद सरकार की महामारी नीति में बदलाव आएगा। संक्रमण बढ़ने की खबरें पूरे चीन से आ रही हैं। इनमें से इनर मंगोलिया और सुदूर पश्चिम शिनजियांग इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां रोज सैकड़ों की संख्या में कोरोना संक्रमित केस आ रहे हैं।
लॉकडाउन से लगातार जूझ रहा है चीन
चीन की राजधानी शंघाई के लोग इस साल की शुरुआत से ही सख्त लॉकडाउन का सामना कर रहे हैं। यहां मामले धीमे ही सही लेकिन लगातार आ रहे हैं। पिछले हफ्ते शंघाई ने भी सिनेमा और मनोरंजन की जगहें बंद करने का फैसला लिया है।
चीन के नागरिकों के लिए हफ्ते में मुफ्त वायरस टेस्ट के लिए लाइनों में लगना एक सामान्य बात बन चुकी है। बीजिंग और अन्य शहरों में पार्कों, कार्यालय भवनों, दुकानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में प्रवेश करने के लिए 72 घंटे के भीतर नकारात्मक कोरोना परिणाम की जरूरत होती है।