दलाई लामा को लेकर अमेरिका ने चीन पर निशाना साधा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा है कि तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का वारिस चुनने की प्रक्रिया में चीन सरकार की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, 25 साल पूर्व पंचेन लामा के उत्तराधिकार की प्रक्रिया में बीजिंग का दखल, जिसमें पंचेन लामा को बचपन में गायब करना और फिर चीनी कम्युनिस्ट सरकार द्वारा चुने गए उत्तराधिकारी को उनका स्थान देने की कोशिश करना धार्मिक स्वतंत्रता के घोर उल्लंघन है।
अगले दलाई लामा के चयन का फैसला सिर्फ तिब्बती बौद्ध समुदाय करे, इसे लेकर चीनी विरोध के बावजूद पिछले सप्ताह अमेरिकी सीनेट सर्व सम्मति से कानून पारित कर चुकी है। इस कानून में चीनी दखल को रोका गया है।