फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्वारंटीन और निगरानी के जरिये चीन ने पाया नियंत्रण, इटली-स्पेन भी उसी राह पर

Mon, 16 Mar 2020 04:32 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला रिसर्च टीम, बीजिंग
विज्ञापन
कोरोना वायरस का कहर - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

कोरोना वायरस की चपेट में आए नागरिकों की बढ़ती संख्या को देख चीन और इटली की तरह स्पेन ने अपने नागरिकों को संक्रमण से बचाने एक बड़े हिस्से में आवागमन से लेकर सभी सामाजिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कर दिया है।

विज्ञापन


इन देशों ने ऐसा कदम उठा करोड़ों नागरिकों की आजादी को जरूरी सीमित किया, लेकिन चीन जैसे उदाहरण सामने हैं जहां संक्रमण फैलने की गति में तेजी से कमी आई।

भारत में बीते दो दिनों में जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, सरकार द्वारा विभिन्न गतिविधियों को सीमित किया जा रहा है, चीन और इटली जैसे कदम यहां भी उठाए जाने की आशंकाओं से लोग घिर गए हैं। हालांकि इन हालात में नागरिको द्वारा दिया गया सहयोग न केवल उन्हें रोग से बचाएगा, बल्कि रोग को फैलने से रोक कर उसे पराजित करने में भी मदद देगा। यह एक ऐसा युद्ध है, जिसमें हर नागरिक को योगदान देना है।


खाद्य पदार्थों की दुकानों और दवाओं के अलावा सब बंद

जिन देशों ने अपने क्षेत्रों को क्वारंटीन किया, वहां कैफे, रेस्त्रां, म्यूजियम, स्कूल, जिम जैसे संस्थानों के साथ साथ फैक्ट्रियां, कार्यालय आदि सहित विभिन्न व्यवासायिक गतिविधियां भी बंद कर दी गईं। केवल खाने-पीने का सामान बेच रहे स्टोर और मेडिकल स्टोर को जारी रखा गया। धार्मिक, सामजिक और खेल गतिविधियों पर भी रोक लगी।
विज्ञापन


जिन शहरों में संक्रमण का वातावरण था, वहां रह रहे लोगों को कहीं और जाने या वहां किसी और के आने पर रोक लगा दी गई, रेल, बस, नौकाएं, विमान आदि आवागमन केे साधन भी रोक दिए गए।

Trending Videos
विज्ञापन

फायदा ऐसे हुआ: चीन में घटते गए मरीज

12 फरवरी - 14,108
17 फरवरी - 1888
19 फरवरी - 391
27 फरवरी - 327
2 मार्च - 125
6 मार्च - 99
8 मार्च - 36
13 मार्च - 11
आंकड़े : जॉन्स हॉपकिन्स, कोरोना वायरस रिसोर्स सेंटर

लेकिन क्वारंटीन के नुकसान भी

लॉक डाउन में रहना कितना खतरनाक है, यह भी चीन के नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए वीडियो व तस्वीरों से समझ आता है। कई बुज़ुर्ग नागरिक बिना देखभाल के अपने घरों में दम तोड़ गए तो बहुमंजिला इमारतों में चीखते लोगों के हालात भी सामने आए। लंबे समय तक घर में बंद रहने से लोग मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं।

पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस, कंफ्यूजन, निराशा, हताशा के भाव मन में घर कर सकते हैं। वहीं आवश्यक वस्तुओं की किल्लत होे, आर्थिक नुकसान हो जाए तो मानसिक परेशानियां और बढ़ने लगती हैं।

ज्यादा इंटनेट डाटा, फ्री ऑनलाइन कंटेंट के जरिए समाधान दे रही सरकारें

इटली ने जिन इलाकों को बंद किया, वहां लोगों को ज्यादा इंटरनेट डाटा मुहैया करवाया जा रहा है। कई वेबसाइट अपने पेड कंटेंट को मुफ्त मुहैया करवा रही हैं। एक मैग्जीन कंपनी ने तो अपने ऑनलाइन एडशिन को  50 हजार लोगों को मुफ्त मुहैया करवाया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें