चीन और पाकिस्तान के रक्षा संबंधों के और गहरे होने के संकेत हैं। चीन ने हाल में गुपचुप उड़ान भर सकने वाले लड़ाकू विमानों और पनडुब्बियों की बिक्री पाकिस्तान को की है। विशेषज्ञों की राय है कि चीन जिस तरह के हथियार पाकिस्तान को दे रहा है, उससे दक्षिण एशिया क्षेत्र में रक्षा संतुलन बिगड़ने की आशंका पैदा हुई है।
वांग की बीते मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से सीधी वार्ता हुई थी। उस दौरान वांग ने कहा- ‘पाकिस्तान मुश्किलों से उबर सके और अपनी अर्थव्यवस्था को दोबारा संभाल सके, इसके लिए चीन के वश में जो भी मदद होगी, वो उसे उपलब्ध कराएगा।’ खान और वांग के बीच वार्ता के बारे में चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ से मुहैया कराई जानकारी के मुताबिक इमरान खान ने उम्मीद जताई कि ‘पाकिस्तान और चीन मिल कर सभी क्षेत्रों में साझा उपलब्धियां हासिल करेंगे।’
चीन ने इसी महीने पाकिस्तान को जे-10 सीई लड़ाकू जेट दिए हैं। 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस के दिन हुए समारोह में वांग की मौजूदगी में इन विमानों ने अपने करतब दिखाए। चीन के सरकार समर्थक अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक रिपोर्ट में बताया है कि जे-10 सीई लड़ाकू विमान चीनी वायु सेना का खास हिस्सा हैं। ये विमान अक्सर ताइवान के वायु क्षेत्र में उड़ान भरते हैं।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक जे-10 सीई विमानों को 4.5वीं (साढ़े चार-वीं) पीढ़ी के लड़ाकू विमान कहा जाता है। इनकी क्षमता अमेरिकी एफ-15एस और एफ-35 के बीच में कहीं बैठती है। इन विमानों के यहां पहुंचने पर पाकिस्तान के रक्षा हलकों और मीडिया में जश्न जैसा माहौल देखा गया। विमानों को स्वीकार करने के लिए पाकिस्तान की वायु सेना ने एक विशेष परेड का आयोजन किया था।