चीनी सेना पीएलए ने दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी के बीच युद्धाभ्यास करके इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। पीएलए ने समुद्र में जंगी जहाजों से सैकड़ों मिसाइलें दागीं। अमेरिका की सबसे घातक एटमी पनडुब्बी यूएसएस ओहियो भी इलाके में गश्त पर है।
सामरिक विशेषज्ञों के मुताबिक, चीनी युद्धाभ्यास से साफ है कि जो बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद भी दक्षिणी चीन सागर में तनाव कम नहीं होगा। चीन की सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने बताया चीनी सेना की दक्षिणी थिएटर कमान ने समुद्र में दुश्मनों पर मिसाइलों से हमला करने का अभ्यास किया।
हालांकि यह नहीं बताया कि युद्धाभ्यास कब और कहां हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, इस ड्रिल में गाइडेड मिसाइल विध्वंसक यिनचुआन, गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट हेंगयांग, एम्फिबियस डॉक लैंडिंग शिप वुझिसन और सपोर्ट शिप चैगन हू ने हिस्सा लिया।
अमेरिकी विमान भी भरता रहा उड़ान
चीनी सेना की दक्षिणी थिएटर कमान ही दक्षिण चीन सागर में जलक्षेत्र की रखवाली करता है। चीन ने इस कमान को ताइवान, जापान और वियतनाम से निपटने के लिए तैनात किया हुआ है।
इस कमान में 500 से ज्यादा अलग अलग तरह के युद्धपोत शामिल हैं। साउथ चाइना सी स्ट्रेटजिक सिचुएशन नाम के थिंकटैंक ने दावा किया कि एक अमेरिकी टोही विमान ने पारसेल द्वीप के पास चीनी जलक्षेत्र के करीब उड़ान भरी।