सोशल मीडिया पर छाया रहा 12.41 लाख करोड़ का हर्जाना
कोरोना वायरस फैलाने को लेकर चीन के खिलाफ दुनियाभर में गुस्सा इस कदर है कि जर्मनी के सबसे बड़े अखबार बिल्ड ने उस पर 13 हजार करोड़ पाउंड (करीब 12.41 लाख करोड़ रुपये) का दावा कर दिया। सोशल मीडिया पर छाया रहा यह दावा कोरोना की वजह से देश को हुए नुकसान की भरपाई की एवज में किया है। इसमें कहा गया है कि महामारी की वजह से जर्मनी को भारी नुकसान हो रहा है।
बिल्ड अखबार ने नोटिस के जरिए उन सभी नुकसान व खर्च का उल्लेख किया है, जिन्हें जर्मनी ने महामारी की वजह से सहा। इसमें 2700 करोड़ यूरो का नुकसान देश के पर्यटन उद्योग को, 10 लाख यूरो प्रति घंटा नुकसान जर्मन एयरलाइंस लुफ्तहांसा को और 5000 करोड़ यूरो का नुकसान छोटे उद्योगों को बताया गया है। बिल्ड के अनुसार अगर जर्मनी की जीडीपी 4.2 प्रतिशत गिरती है तो इसकी वजह से 1784 यूरो प्रति व्यक्ति बोझ पड़ेगा। हालांकि जर्मन सरकार ने स्पष्ट किया कि यह सरकार का आधिकारिक पक्ष नहीं है। एजेंसी
चेतावनी...और बुरा वक्त अभी देखना है
डब्ल्यूएचओ ने चेताया है कि वायरस से जुड़ा संकट आगे और बुरा रूप लेने जा रहा है। उन्होंने ऐसे समय में सचेत किया जब कई देशों ने प्रतिबंधों में छूट देना शुरू कर दिया है। संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ए. गेब्रेयेसस ने यह नहीं बताया कि उन्हें ऐसा क्यों लगता है। संकट अफ्रीका के रास्ते गहरा सकता है। जहां स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत बुरी है। टेड्रोस ने 1918 के स्पेनिश फ्लू का उदाहरण दिया।
बांग्लादेश : लॉकडाउन की धज्जियां उड़ी, जनाजे में जमा हुए एक लाख
ढाका। ब्राहमनबारिया ज़िले में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए एक इस्लामी नेता के अंतिम संस्कार में करीब एक लाख लोग जमा हो गए। इस्लामी पार्टी के नेता मौलाना जुबैर अहमद अंसारी के समर्थकों में कोरोना का खौफ उस वक्त खत्म हो गया जब उनके जनाज़े में भीड़ उमड़ पड़ी। हालात ऐसे थे कि पुलिस भीड़ पर नियंत्रण नहीं रख पा रही थी। प्रधानमंत्री के विशेष सचिव शाह अली फरहद ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार में अधिकतम पांच लोग की शामिल हो सकते हैं। बांग्लादेश पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
कई देश जता रहे गुस्सा
अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भी चीन के प्रति नाराजगी जता चुके हैं। कई संगठनों व देशों ने आशंका जताई है कि चीन ने कोरोना को प्रयोगशाला में तैयार किया है। उसने वायरस को लेकर विश्व समुदाय को समय पर न तो जानकारी दी न ही अपने नुकसान व जनहानि के सही आंकड़े जारी किए। शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी खामियाजा भुगतने की चेतावनी दे चुके हैं।
अमेरिका में लॉकडाउन का विरोध
अमेरिका में कोरोना की वजह से किए गए लॉकडाउन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मिशिगन, मिनीसोटा, केंटुकी, उटाह, नॉर्थ कैरोलीना, ओहियो ऐसे राज्य हैं, जहां तीन दिनों से लोग रोजाना सड़कों पर उतर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी नौकरी पर संकट खड़ा है, किराया देने को पैसा नहीं बचा है और खाने की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है।