चीन अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच ड्रैगन ने दावा किया कि उसने अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक जहाज को दक्षिण चीन सागर से खदेड़ दिया। अमेरिकी नौसेना के जहाज विवादास्पद दक्षिण चीन सागर में नौवहन की आजादी को दर्शाने की कोशिश के तहत नियमित रूप से चक्कर लगाते रहते हैं। चीन के इस दावे को अमेरिका ने सिरे से नकार दिया है।
अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि चीन का बयान समुद्री क्षेत्र में उसके गैरकानूनी दावों के माध्यम से दुनिया में भ्रम फैलाने का एक प्रयास था। यूएस नेवी के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जो केइली ने भी पीआरसी (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) के बयान को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि चीन किसी भी देश के किसी क्षेत्र से अमेरिकी जहाज को नहीं खदेड़ा है।
चीन हमेशा यह दावा करता है कि 13 लाख वर्ग मील में फैला दक्षिण चीन सागर उसके क्षेत्र में है। साथ ही चीन इससे जुड़े कृत्रिम द्वीपों पर अपने सैन्य अड्डे स्थापित कर रहा है। आपको बता दें, इन क्षेत्रों पर ताईवान और वियतनाम भी अपना दावा करता है।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की दक्षिणी कमान ने कहा कि अमेरिकी विध्वसंक जहाज यूएसएस जॉन एस मैक्कन चीन की सीमा में बिना इजाजत के घुस आया था। कमान ने अपने बयान में कहा कि पीएलए ने चेतावनी देते हुए उसे खदेड़ दिया।
दक्षिण चीन सागर में लगातार ड्रैगन अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इस घटना के एक दिन पहले ही चीन ने दक्षिण चीन सागर में द्वितीय विमानवाहक शानडोंग अभ्यास के भेजा था। चीन के अभी दो सक्रिय विमानवाहक लियाओनिंग और शानडोंग हैं।