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China Real State Crisis: चीन के 5 फीसदी विकास लक्ष्य पर संकट, हाईटेक रणनीति से नहीं बन रही बात

Fri, 16 Jan 2026 05:46 AM IST
देवेश त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क

सार

चीन की अर्थव्यवस्था रियल एस्टेट संकट से उबरने में अब भी असफल नजर आ रही है। सरकार ने एआई, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे हाईटेक उद्योगों पर बड़ा दांव लगाया है, लेकिन ये क्षेत्र अब तक प्रॉपर्टी और पारंपरिक सेक्टरों में आई गिरावट की भरपाई नहीं कर पाए हैं।
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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चीन की अर्थव्यवस्था को रियल एस्टेट संकट से बाहर निकालने के लिए एआई, रोबोटिक्स व इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे हाईटेक उद्योगों पर लगाया गया दांव नतीजे देने में सक्षम नहीं हो रहा है। अमेरिकी रिसर्च संस्था रॉडियम ग्रुप के मुताबिक, चीन को 5 फीसदी जीडीपी वृद्धि बनाए रखनी है, तो नए उद्योगों को हर साल निवेश वृद्धि को 2 पॉइंट ऊपर ले जाना होगा। यह मामूली हिस्सा नहीं, बल्कि निवेश वृद्धि दर में बड़ी बढ़ोतरी है, जो मौजूदा हालात में हासिल करना कठिन नजर आता है।
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2023 से 2025 के बीच एआई, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक कारों जैसे नए उद्योगों ने आर्थिक उत्पादन वृद्धि की रफ्तार को मिलाकर सिर्फ 0.8 पॉइंट ऊपर किया।  रियल एस्टेट और अन्य पारंपरिक क्षेत्रों की कमजोरी ने आर्थिक वृद्धि को 6 पॉइंट नीचे खींच लिया। यह अंतर दिखाता है कि हाई-टेक सेक्टर भले ही बढ़ रहे हों, लेकिन वे अभी इतने बड़े और प्रभावशाली नहीं हैं कि प्रॉपर्टी और पारंपरिक उद्योगों में आई गिरावट से पैदा हुए दबाव की भरपाई कर सकें। हाल के वर्षों में बीजिंग ने लगातार करीब 5 फीसदी जीडीपी वृद्धि का लक्ष्य रखा है।

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2.8 ट्रिलियन युआन के निवेश का दबाव
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इस साल ही 2.8 ट्रिलियन युआन के अतिरिक्त निवेश की जरूरत होगी। यह 2025 के मुकाबले 120 फीसदी अधिक है। एआई या रोबोटिक्स जैसे कुछ सेक्टरों में निवेश तेज हो सकता है, लेकिन  उभरते उद्योगों के लिए इतनी तेज और टिकाऊ रफ्तार बनाए रखना मुश्किल होगा। इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग सबसे तेज वृद्धि दर पहले ही देख चुका है व आने वाले वर्षों में रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

रोजगार संकट और ऑटोमेशन का जोखिम
चीन के नए औद्योगिक सेक्टर कर्मचारियों को उच्च वेतन तो देते हैं, लेकिन वे पारंपरिक उद्योगों की तुलना में काफी कम रोजगार देते हैं। फैक्टरी ऑटोमेशन में वृद्धि और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग में चीन के पहले से मौजूद 30 फीसदी हिस्से के चलते एक दशक में 10 करोड़ तक नौकरियां खत्म होने का खतरा है। पिछले साल चीन की शहरी बेरोजगारी दर अधिकांश समय 5 प्रतिशत से ऊपर रही। युवाओं में बेरोजगारी इससे लगभग तीन गुना अधिक दर्ज की गई।

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प्रॉपर्टी:अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ
सरकार हाई-टेक विकास को प्राथमिकता दे रही है लेकिन रियल एस्टेट संकट से निपटने के लिए सीमित कदम उठाए हैं। एक समय यह सेक्टर चीन की जीडीपी के एक-चौथाई से अधिक योगदान देता था। पिछले साल नए घरों की बिक्री 2009 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।

कुल वृद्धि फिर भी दबाव में : निवेश फर्म केकेआर के अनुसार प्रॉपर्टी सेक्टर की कमजोरी इस साल चीन की जीडीपी वृद्धि से 1.2 पॉइंट घटा सकती है। डिजिटल तकनीकों से अनुमानित 2.6 पॉइंट के योगदान के बावजूद कुल वृद्धि दर 4.6 फीसदी के आसपास रह सकती है। भले ही 2026 के लिए 5 फीसदी का लक्ष्य रखा जाए, लेकिन रियल एस्टेट की सुस्ती और कमजोर रोजगार बाजार इस पर सवाल खड़े करते हैं।

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