चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने प्रमुख अधिवेशन से एक दिन पहले शनिवार कहा कि वह ताइवान को लेकर आगे अपनी बयानबाजी को कम करेगा और उसके शांतिपूर्ण एकीकरण के लिए पूरे प्रयास करेगा। सीपीसी ने कहा कि मजबूरी वाली परिस्थितियों में बल का इस्तेमाल अंतिम उपाय होगा।
सीपीसी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता सन येली ने जोर देकर कहा कि ताइवान के हमवतन लोगों के साथ राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए शांतिपूर्ण तरीके चीन की दीर्घकालिक स्थिरता और विकास के लिए अच्छा काम करेंगे।
प्रवक्ता ने कहा कि ताइवान के सवाल को हल करने में शांतिपूर्ण तरीकों से राष्ट्रीय एकीकरण पहली पसंद है। उन्होंने कहा, ताइवान के मुद्दे को हल करने के लिए 'शांतिपूर्ण एकीकरण और एक देश दो प्रणाली' हमारा मूल सिद्धांत है।
इसी साल अगस्त के माह में अमेरिकी संसद के निचले सदन की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने ताइवान का हाई-प्रोफाइल दौरा किया था। जिसके बाद चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास किया और मिसाइलें दागीं थीं। चीन 'वन चाइना' पॉलिसी के तहत ताइवान पर अपना दावा करता है। वहीं ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है। प्रवक्ता सन ने कहा, हम पूरी ईमानदारी और ज्यादा प्रयासों के साथ ताइवान के शांतिपूर्ण एकीकरण के लिए कोशिशें जारी रखेंगे।
सीपीसी का 20वां अधिवेशन रविवार से शुरू होगा, जिसमें नये शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति पर फैसला लिया जाएा। इसमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तीसरे कार्यकाल के लिए निर्वाचित किया जाना तय है। जिनपिंग की इस नियुक्त के साथ शीर्ष नेताओं की अधिकतम दस साल तक नियुक्ति का तीन दशक पुराना मानदंड समाप्त हो जाएगा।
सीपीसी की सप्ताह भर चलने वाली 20वीं कांग्रेस में जिनपिंग द्वारा निर्धारित मानदंडों और दिशानिर्देशों के तहत 2,296 'निर्वाचित' प्रतिनिधि गुप्त बैठक में भाग लेंगे। यह अधिवेशन तमाम विरोध प्रदर्शनों के बीच आयोजित किया जा रहा है।
69 वर्षीय जिनपिंग को छोड़कर, दूसरे नंबर के नेता प्रधानमंत्री ली केकियांग सहित सभी शीर्ष नेताओं को आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर फेरबदल का सामना करना होगा। इस फेरबदल में निवर्तमान विदेश मंत्री वांग यी का स्थान कोई और लेगा। 20वीं कांग्रेस की प्रवक्ता सन येली ने शनिवार को मीडिया के चुनिंदा सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस 16 से 22 अक्टूबर तक चलेगी।
सन ने जिनपिंग के संभावित तीसरे कार्यकाल पर टिप्पणी किये बिना कहा कि इस अधिवेशन में प्रमुख सैद्धांतिक विचारों और स्थापित होने वाली रणनीतिक सोच को शामिल किया जाएगा तथा संशोधन के तहत पूरी तरह से चीनी संदर्भ और समय की मांग के अनुसार मार्क्सवाद को अपनाने में नवीनतम उपलब्धियों को भी समाहित किया जाएगा।