ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया था कि गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के समुद्री गश्ती विमान पी-8ए पोसाइडन को पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) ने लेजर से निशाना बनाया, जिसकी वजह से विमान में सवार क्रू का जीवन खतरे में पड़ गया था।
चीन ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के उस दावे पर सवाल उठाए कि एक चीनी युद्धपोत ने उसके निगरानी विमान को लेजर से निशाना बनाया था। चीन ने कहा कि ये आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने इस घटना को एक सुरक्षा से संबंधित एक गंभीर घटना बताया था और कहा था कि इस तरह के कृत्य लोगों की जान खतरे में डाल सकते हैं।
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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने सोमवार को कहा कि हमने चीनी सरकार से उसकी पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन)की ओर से पिछले सप्ताह की गई इस इस खतरनाक और लापरवाह हरकत के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि यह डराने-धमकाने की कोशिश जैसा था।
मॉरिसन की इस टिप्पणी पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि संबंधित विभाग से साथ पुष्टि करने के बाद हमने पाया है कि ऑस्ट्रेलिया की ओर से जारी की गई जानकारी तथ्यों से मेल नहीं खाती है। उन्होंने कहा, चीनी जहाज अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रथाओं के अनुरूप समुद्र में था और यह पूरी तरह से वैध था।
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वेनबिन ने आगे कहा कि हम ऑस्ट्रेलियाई पक्ष से अनुरोध करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार प्रासंगित जल क्षेत्र में चीन के जहाजों के वैध अधिकारों का सम्मान करें और चीन के बारे में गलत जानकारियां फैलाना बंद करें। वहीं, चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल टैन केफेई ने भी ऑस्ट्रेलियाई बयान को तथ्यों से पूरी तरह असंगत बताया।