भारत के विरोधी देश चीन और पाकिस्तान की दोस्ती जगजाहिर है। हाल ही में चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू ने पाकिस्तान के नौ सेनाध्यक्ष से दोनों देशों की नौ सेनाओं सहित तमाम सेनाओं को नए क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने की पेशकश की है। इससे ऐसा लगता है कि चीन पाकिस्तान को अपनी सैन्य रणनीति और सैन्य तैयारियों का हिस्सा बनाना चाहता है। इस बीच, चीन ने पाकिस्तानी नौसेना को चार जहाजों का ऑर्डर पूरा करते हुए पाकिस्तानी नौसेना को दो और नौसैनिक फ्रिगेट सौंपे हैं।
सरकारी ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, पाकिस्तानी नौसेना में इन दोनों फ्रिगेट को पीएनएस टीपू सुल्तान और पीएनएस शाहजहां के नाम से कमीशन किया जाएगा। बुधवार को चीन के शंघाई के हुडोंग-झोंगहुआ शिपयार्ड में समुद्री परीक्षण पूरा होने के बाद एक संयुक्त वितरण और कमीशनिंग समारोह में इन युद्धपोत को पाकिस्तान को सौंपा गया। चीन ने पाकिस्तानी नौसेना के लिए दूसरे टाइप 054A फ्रिगेट को तैयार किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की यात्रा पर गए पाकिस्तानी नौसेना के नौसेना प्रमुख एडमिरल एम अमजद खान नियाजी इस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इन जहाजों का निरीक्षण भी किया। इस मौके पर बोलते हुए एडमिरल नियाजी ने कहा कि दो युद्धपोतों की कमीशनिंग ने पाक-चीन दोस्ती में एक नया अध्याय शुरू किया है। यह अब और भी परिपक्व हो गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का यह संबंध विश्वास, सम्मान और आपसी समर्थन के स्तंभों पर मजबूती से टिका हुआ है। यह हमारे रक्षा सहयोग में भी दिखता है।
बता दें कि टाइप 054A/P चीनी मूल के नवीनतम मल्टी-रोल फ्रिगेट्स में से एक है। यह अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस है जिसमें CM-302 सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल और LY-80 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल शामिल हैं। इसके साथ ही मिसाइलों के साथ-साथ उन्नत एंटी-सबमरीन वारफेयर सूट और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से भी लैस किया गया है।
पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख नियाजी ने कहा कि टाइप 054A/Psको पाकिस्तान नौसेना के संचालन में एकीकृत किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह पाकिस्तान नौसेना के बेड़े का एक मुख्य आधार होगा।
इससे पहले, बीती आठ मई को चीनी रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू ने एडमिरल नियाज़ी के साथ बैठक की थी। उस दौरान उन्होंने कहा कि दो सदाबहार मित्रों को सैन्य सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करनी चाहिए और संयुक्त रूप से अपने सुरक्षा हितों और क्षेत्र की रक्षा करनी चाहिए। ली ने यह भी कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंध चीन-पाकिस्तान संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और दोनों देशों की नौसेनाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग ने अच्छे परिणाम हासिल किए हैं।