चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान (फाइल फोटो)
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चीन ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री और पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल सेनानिवृत्त जनरल वीके सिंह के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में 40 से अधिक चीनी सैनिक मारे गए हैं। चीन का कहना है कि उसके पास इस मुद्दे को लेकर कोई जानकारी नहीं है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दोहराया कि चीन और भारत राजनयिक और सैन्य स्तरों के माध्यम से जमीन पर स्थिति को सामान्य करने के लिए एक दूसरे के साथ संचार कर रहे हैं। जब उनसे जनरल वीके सिंह के बयान को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, मेरे पास इसे लेकर कोई जानकारी नहीं है।
जब से भारत और चीन के बीच गलवां घाटी में हिंसक झड़प हुई है तभी से चीन अपने हताहत हुए सैनिकों की संख्या बताने से कतरा रहा है। हालांकि आधिकारिक मीडिया का कहना है की झड़प में बीजिंग को भी नुकसान हुआ है। बता दें कि वर्तमान भारत-चीन सीमा गतिरोध पर टिप्पणी करते हुए सिंह ने शनिवार को एक समाचार चैनल से कहा था कि यदि हमारे 20 सैनिक शहीद हुए हैं तो उनके (चीनी पक्ष) दोगुने से अधिक संख्या में मारे गए हैं।
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वहीं आज एक बार फिर भारत और चीन के बीच लद्दाख में चल रहे सीमा विवाद पर चर्चा के लिए कोर कमांडर स्तरीय बैठक चल रही है। यह बैठक चीन के हिस्से वाले चुसुल-मोल्डो बॉर्डर प्वाइंट पर हो रही है। इससे पहले छह जून को हुई बैठक भी यहीं आयोजित की गई थी। भारत की ओर से 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह साथ बात कर रहे हैं।