बता दें कि एफएटीएफ ने लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद व अन्य आतंकी संगठनों को मिलने वाले धन की आवाजाही पर अंकुश नहीं लगाने के चलते पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ में डाल दिया था।
यदि पाकिस्तान की तरफ से इसके खिलाफ उठाए गए कदमों से एफएटीएफ बीजिंग में होने वाली इस बैठक के दौरान संतुष्ट नहीं होता है तो उसे ‘ब्लैक लिस्ट’ किया जा सकता है, जिसके चलते पड़ोसी देश पर ईरान की तरह बहुत सारे गंभीर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे।
सौंप दी है रिपोर्ट
- 08 जनवरी को पाक ने एफएटीएफ को एक रिपोर्ट सौंपी है
- 650 पेज की इस रिपोर्ट में उसकी कार्रवाई का ब्योरा है
- 150 सवाल एफएटीएफ ने उठाए थे, उनका दिया है जवाब
- 2019 अक्तूबर से 2020 जनवरी तक की कार्रवाई बताई है