China Coup: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।
- फोटो : सोशल मीडिया
सोशल मीडिया पर ये चर्चा अभी भी चल रही है, लेकिन मोटे तौर पर ये बात अफवाह साबित हुई है कि चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तख्ता पलट कर उन्हें नजरबंद कर दिया गया है। बीते शनिवार से रविवार तक ये अफवाह जोरों पर रही। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में तो यहां तक कहा गया कि शी की हत्या कर दी गई है। लेकिन रविवार शाम को जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने अपनी 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) के लिए चुने गए 2296 प्रतिनिधियों की सूची जारी की, तो उससे इन चर्चाओं पर विराम लगा। सीपीसी ने कहा कि ये प्रतिनिधि शी जिनपिंग के नेतृत्व में अगले पांच साल के लिए देश की दिशा तय करेंगे।
चीन संबंधी विशेषज्ञों के मुताबिक ये चर्चा पिछले हफ्ते पांच वरिष्ठ अधिकारियों को सजा सुनाए जाने के बाद फैली। चीन की एक अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व सार्वजनिक सुरक्षा उप मंत्री सुन लिजुन, पूर्व न्याय मंत्री फू जेंगहुआ, और शंघाई, चोंगचिंग और शान्क्सी प्रातों के पूर्व पुलिस प्रमुखों सजा सुनाई। कहा गया कि फू और सजायाफ्ता तीनों पूर्व पुलिस प्रमुख सुन के राजनीतिक गुट में शामिल थे। यह गुट शी जिनपिंग का विरोधी था। इसी वजह से उन्हें सजा हुई। सोशल मीडिया की चर्चाओं में कहा गया कि इन नेताओं के समर्थकों ने शी जिनपिंग का तख्ता पलट दिया है।
अब सीपीसी समर्थक ट्विटर हैंडल्स पर यह दावा किया गया है कि समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक में भाग लेकर लौटने के बाद शी जिनपिंग दस दिन के होटल क्वारंटीन में चले गए। चीन में जीरो कोविड नीति के तहत विदेश से लौटने वाले लोगों के लिए दस होटल में और उसके बाद तीन घर में क्वारंटीन रहने का नियम अभी भी लागू है। बताया गया है कि इसी वजह से शी सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए। इससे अफवाहों को बल मिला।
चीन के माइक्रोब्लॉगिंग साइट विएबो पर भी शनिवार से ये चर्चा रही कि देशभर में विमानों की उड़ान रद्द कर दी गई है। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। सिंगापुर स्थित ली कुआन यिव स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी से जुड़े विशेषज्ञ ड्रिउ थॉम्पसन ने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से कहा है- चीन में तख्ता पलट होना असंभव नहीं है। खुद शी अतीत में ऐसी चिंता जता चुके हैं। लेकिन इस बार ये चर्चा उन लोगों ने चलाई, जो ऐसा होते देखना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि चर्चा फालुन गोन्ग मूवमेंट से जुड़े सोशल मीडिया एकाउंट्स से शुरू हुई, जो कभी भी विश्वसनीय नहीं मालूम पड़ी।
थॉम्पसन पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय में अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि फालुन गोन्ग का मीडिया हमेशा ही सीपीसी और शी जिनपिंग विरोधी बातों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करता है। विश्लेषक बिल बिशॉप ने कहा है कि सीपीसी अपने कामकाज को जिस तरह गोपनीय रखती है, उससे भी ऐसी अफवाहों को फैलने की वजह मिलती है। उन्होंने द गार्जियन से कहा- ये अफवाह इस हद तक फैली, तो उससे चीन सरकार की अंदरूनी कमियों पर भी रोशनी पड़ी है। सीपीसी की 20वीं कांग्रेस 16 अक्तूबर से शुरू होगी। संभावना है कि उसमें तीसरे कार्यकाल के लिए शी को पार्टी का महासचिव और चीन का राष्ट्रपति चुना जाएगा।