विंटर (शीतकालीन) ओलिंपिक खेलों के सफल आयोजन को चीन अपनी एक बड़ी जीत के रूप में पेश कर रहा है। विंटर ओलिंपिक खेल रविवार देर शाम संपन्न हो गए। अमेरिका और उसके साथी देशों ने इन खेलों का कूटनीतिक बहिष्कार किया, लेकिन उससे इस आयोजन की चमक पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। सफल आयोजन के लिए अलावा चीन के लिए दोहरी खुशी की बात यह रही कि उसने पहली बार इन खेलों में नौ स्वर्ण पदक जीते। पदक तालिका में वह अमेरिका के ऊपर रहा। नॉर्वे और जर्मनी के बाद चीन तीसरे स्थान पर रहा।
चीन मीडिया में छपी टिप्पणियों से साफ है कि इन खेलों को कोविड-19 संक्रमण से दूर रखने को चीन अपनी सबसे बड़ी सफलता मान रहा है। इन खेलों के लिए दस हजार से अधिक एथलीट और विदेशी अधिकारी बीजिंग आए। शुरुआत में अंदेशा जताया गया था कि इन खेलों पर कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का साया पड़ सकता है। कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए चीन ने बीजिंग में क्लोज्ड लूप नाम से एक खास सिस्टम लागू किया। उसके तहत खेलों से संबंधित लोगों को बीजिंग के बाकी इलाकों और लोगों से दूर रखा गया।
विंटर ओलिंपिक्स के आयोजन के लिए चीन ने बर्ड्स नेस्ट नामक एक खास स्टेडियम बनाया। उसमें रविवार को समापन समारोह के दौरान 3000 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस समारोह का निर्देशन ऑस्कर के लिए नामांकित हो चुके फिल्मकार झांग यिमोऊ ने किया। 2008 के ओलिंपिक आयोजन के बारे में झांग ने कहा- ‘तब चीन की इच्छा यह थी कि उसकी शानदार आर्थिक उपलब्धियों और सामाजिक विकास को दुनिया स्वीकार करे। वह मकसद तब पूरा हुआ था।’