विश्व में जहां कुल संक्रमितों की संख्या 9.98 करोड़ पार (10 करोड़ के करीब) हो चुकी है और मृतक संख्या भी 21.40 लाख से अधिक हो चुकी है। तब एक वर्ष पूर्व जनवरी के इसी सप्ताह में चीन कोरोना संकट के मुहाने पर खड़ा था। इस एक साल में चीनी कम्युनिस्ट सरकार ने विद्रोहियों की आवाज को पूरी तरह से दबाते हुए कोरोना वायरस पर अपनी नाकामी को फायदे में बदलने की कोशिश की।
दमन के बल पर वह अपने ही लोगों समझाने में सफल रही है कि उसने बहुत ही सफल तरीके से इस महामारी को दबा दिया। जबकि सच्चाई यह है कि पिछले साल जनवरी के अंत तक देश के लोग चीन सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने लगे थे। वैचारिक रूप से दशकों तक दबाए गए और सख्त सेंसरशिप में रहने वाले चीन के उदारवाली लोग खुलकर अपनी बातें रखने लगे थे।
ऐसा लगने लगा था कि चीन सरकार की प्रोपेगंडा मशीनरी कोरोना वायरस को लेकर लोगों के मन में सरकार के प्रति पैदा हुई नाराजगी को दूर करने में विफल रहेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चीन सरकार विद्रोहियों को दबाने में पूरी तरह सफल रही। अब वहां इंटरनेट मीडिया पर कोरोना को लेकर किसी तरह की बहस नहीं चल रही है। सरकार ने वुहान की त्रासदी को अपने फायदे में बदल दिया है।
गैर-अमेरिकियों के अमेरिका में प्रवेश पर लगेगी रोक
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि राष्ट्रपति जो बाइडन कोविड-19 संबंधित यात्रा प्रतिबंधों को फिर से लागू करेंगे। प्रतिबंध अधिकतर गैर अमेरिकी लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर लगाया जाएगा। ब्रिटेन, ब्राजील, आयरलैंड और यूरोप के बहुत से भागों से आने वाले गैर अमेरिकी लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर यात्रा प्रतिबंध दोबारा लागू होगा। नया प्रशासन महामारी से निपटने के लिए तेजी से कदम उठाएगा।
मेक्सिको के राष्ट्रपति कोरोना संक्रमित
मेक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मेनुएल लोपेज ओब्राडोर ने कहा है कि वह कोविड-19 से संक्रमित हैं तथा उनमें इसके मामूली लक्षण हैं। ओब्राडोर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि मैं कोविड-19 से पीड़ित हूं। इसके लक्षण मामूली हैं तथा मेरा उपचार शुरू हो गया है। इसके पहले यह घोषणा हुई थी कि कोरोना के रूस निर्मित टीके की आपूर्ति के बारे में ओब्राडोर रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे।