अमेरिका, चीन, यूरोप और जापान की बड़ी कार कंपनियों ने चीन में कारोबार के मामले में आपस में एक अजीब करार किया है। इस करार का मतलब यह है कि इन कंपनियों ने आपस में मिल कर एक साझा उद्यम बना लिया है। कंपनियों ने फैसला किया है कि चीन के बाजार में वे ‘अत्यधिक प्रतिस्पर्धा’ में शामिल नहीं होंगी। इसके तहत यह शामिल है कि वे असामान्य प्राइस वॉर (अपना उत्पाद बेचने के लिए दूसरों से कम कीमत रखने की होड़) शुरू नहीं करेंगी। जो कंपनियां इस करार में शामिल हुई हैं, उनमें चीन की बीवाईडी, अमेरिका की टेस्ला, और चीन की सरकारी कंपनियां शामिल हैं।
समझा जाता है कि कंपनियों ने यह करार चीन सरकार के दबाव में आकर लिया है। चीन सरकार इस समय देश की आर्थिक वृद्धि दर में आ रही गिरावट से चिंतित है। आर्थिक गिरावट के कारण उपभोक्ताओं ने कार जैसी महंगी चीजों की खरीदारी कम कर दी है। इसके बीच कार कंपनियां प्राइस वॉर के जरिए उपभोक्ताओं को लुभाने की कोशिश जुटी हुई थीं। कई कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ नई कारों की बिक्री में ऐसी होड़ शुरू कर दी थी। बताया जाता है कि इससे चीन की सरकारी कंपनियों को नुकसान होने का अंदेशा पैदा हो गया था।
चीन के शहर शंघाई में गुरुवार को कार कंपनियों के एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें 16 कार कंपनियों ने भाग लिया। इस दौरान इन कंपनियों ने ‘ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में उचित बाजार व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित स्वीकृति पत्र’ पर दस्तखत किए। यह समझौता चीन सरकार के उद्योग एवं सूचना तकनीक मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख में हुआ। चीन की ऑटोमोबाइल नीति का प्रभार उसी अधिकारी के पास है।
स्वीकृति पत्र के जरिए कार कंपनियों ने चार प्रमुख वादे किए हैं। उन्होंने कहा है कि वे असामान्य कीमतों के जरिए बाजार की प्रतिस्पर्धा व्यवस्था को बाधित नहीं करेंगी, अत्यधिक विज्ञापन देकर उपभोक्ताओं को गुमराह नहीं करेंगी, वे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और सेवाएं उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाएंगी, और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को सक्रिय होकर निभाएंगी।
जो 16 कंपनियों इस करार में शामिल हुई हैं, चीन के नई कारों के बाजार में उनका लगभग पूरा कब्जा है। इन कंपनियों में चीन की एसएआईसी मोटर और चाइना एफएडब्लू ग्रुप जैसी सरकारी कंपनियां भी शामिल हैं। इस करार में शामिल हुई अन्य कंपनियों में जापान की टोयोटा, जर्मनी की फॉक्सवैगन, और वोल्वो कार कंपनी का मालिक झेजियांग गीले होल्डिंग ग्रुप शामिल हैं। बीवाईडी इलेक्ट्रिक कारों की चीन में सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है।
चीनी मीडिया में चीन सरकार के अधिकारी का यह कहते हवाला दिया गया है कि चीन में ऑटो इंडस्ट्री के विकास के रास्ते में कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। अधिकारी ने कहा- ‘इस स्थिति में सेल्स प्रोमोशन गतिविधियों को विनियमित करना जरूरी हो गया है। इन गतिविधियों में गैर-जिम्मेदाराना ढंग से कारों की कीमत तय करना भी शामिल है।’ अधिकारी ने कहा कि कंपनियों को बाजार में अऩुकूल माहौल बनाए रखने के प्रयास में योगदान करना चाहिए।