चीन की संसद ने हांगकांग चुनाव प्रणाली में बदलाव के उस फैसले को मंजूरी दे दी है जिसके बाद यहां लोकतांत्रिक ढंग से चुने प्रतिनिधियों की ताकत घट जाएगी। यानी चीन की हांगकांग पर सियासी पकड़ मजबूत करने वाले प्रस्ताव के जरिए चीन ने यहां की चुनाव व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव कर दिए हैं। उसने इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बढ़ाने के लिए चुनाव में जनता की भूमिका सीमित कर दी है।
चीनी संसद (नेशनल पीपुल्स कांग्रेस) ने हांगकांग चुनाव प्रणाली में बदलाव संबंधी प्रस्ताव को शून्य के मुकाबले 2,895 मतों से पारित कर दिया। इसी के साथ हांगकांग की चुनाव समिति के अधिकार बढ़ गए हैं और उसे हांगकांग की विधायिका के लिए ज्यादा संख्या में सदस्यों के चयन का अधिकार भी मिल गया है।
जबकि सीधे जनता द्वारा चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या कम कर दी गई है। इस समिति को 70 सदस्यीय विधायिका के एक तिहाई सदस्यों के चयन का अधिकार दिया गया है। चीन ने इसे जरूरी बताया जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन समेत दुनिया के कई देशों ने इन बदलावों पर चिंता जताई है।